Updated 15 फ़रवरी 2026 7:47 अपराह्न
भारत के बंटवारे से लेकर आज तक, इतिहास बार-बार एक ही दर्द दोहराता आया है—हिंदुओं को निशाना बनाना। चाहे वो 1947 में बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) का नरसंहार हो, 1989 में कश्मीरी पंडितों का पलायन, या फिर आज के पर्यटक जो पहलगाम में हमला झेलते हैं, एक सवाल उठता है: क्या ये सब महज संयोग…
1947 से लेकरगाम तक: केवल हिंदू ही क्या कह रहे हैं?
Related Stories

Ayodhya Ram Mandir : दस दिनों में रामलला को 12 करोड़ का चढ़ावा, ऑनलाइन भी खूब मिल रहा है दान

Ram Mandir: आस्था स्पेशल ट्रेन के पहुंचते ही लगे जय श्रीराम के नारे, अयोध्या धाम जाना हुआ आसान

Bihar : एक करोड़ की डकैती मामले में दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, शहर के पॉश एरिया में हुई थी लूट

Bihar News : राजधानी में ट्रेन हादसा होने से बचा, यात्रियों ने कहा- लगा अब सब कुछ हो जायेगा ख़त्म
अब फैशन में है
- Minecraft LIVE from TwitchCon 2026: The Recap – Minecraft
- Karnataka: डीके शिवकुमार चुने गए विधायक दल के नेता, पूर्व CM सिद्धारमैया की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा
- मनोज बाजपेयी ने ‘गवर्नर’ के लिए काफी मशक्कत, 75 दिनों तक नहीं कटवाए थे बाल, दिलचस्प है किस्सा
- IPL Finale 2026: समापन समारोह में सुरों से समां बांधेंगे कैलाश खेर, वरुण और मृणाल भी आ सकते हैं नजर
- Saket Building Collapse News: दिल्ली में गिरी बहुमंजिला इमारत, एक की मौत, रेस्क्यू के लिए बना ग्रीन कॉरिडोर




