राहुल बोलने उठे तो रोक दिया, फिर नहीं आया मौका:खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब द…

संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों पर हावी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन जगदंबिका पाल ने उन्हें तुरंत बोलने की अनुमति नहीं दी। उ
राहुल बोलने उठे तो रोक दिया, फिर नहीं आया मौका:खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब दें, हुआ हंगामा। यह घटनाक्रम फिलहाल सुर्खियों में है।
जो भी जानकारी अब तक सामने आई है, उसे स्पष्ट और सरल भाषा में यहां पेश किया जा रहा है।
क्या बदला
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
मुख्य बातें
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, Parliament Monsoon Session 2026 Day 5 Protest Highlights Photos Videos Update; Follow Lok Sabha, Rajya Sabha, Sansad Satra Special Story, NEET Paper Leak Protest, Narendra Modi, Rahul Gandhi, NDA Vs INDIA bloc News On Dainik Bhaskar. राहुल गांधी संसद में अपनी
अब तक क्या सामने आया है
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों पर हावी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन जगदंबिका पाल ने उन्हें तुरंत बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि पहले सदन के पटल पर जरूरी पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें अवसर दिया जाएगा। हालांकि, लगातार हंगामे के कारण वह मौका नहीं आ सका और लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा नहीं थमा। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और इस संबंध में दोपहर 1 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में कड़े कानून पर भी विचार होगा। इस पर विपक्ष का हंगामा फिर तेज हो गया। राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने कहा कि सदन की कार्यसूची के अनुसार पहले पटल पर पत्र रखे जाएंगे, उसके बाद उन्हें बोलने का अवसर दिया जाएगा। पत्र रखे जाने की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही नारेबाजी और बढ़ गई। कार्यवाही सुचारु नहीं हो सकी और राहुल गांधी अपनी बात नहीं रख पाए। अंततः लोकसभा की बैठक 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा में भी सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू हुई। करीब पांच मिनट बाद सभापति ने सदन के पटल पर दस्तावेज रखने की प्रक्रिया शुरू कराई। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पेपर लीक का मुद्दा उठाने के लिए खड़े हुए। हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 12 बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई। मल्लिकार्जुन खड़गे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि प्रधानमंत्री को स्वयं सदन में आकर इस पूरे मामले पर बयान देना चाहिए। सत्ता पक्ष की ओर से इसका विरोध हुआ और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। इसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे राज्यसभा की बैठक फिर शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। उपसभापति हरिवंश ने बार-बार व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। करीब सात मिनट बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी 27 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह संसद का एक और दिन पेपर लीक के मुद्दे पर गतिरोध की भेंट चढ़ गया। सरकार चर्चा और कड़े कानून की बात करती रही, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और प्रधानमंत्री के बयान की मांग पर कायम रहा। सदन के भीतर बहस शुरू होने से पहले ही हंगामा इतना बढ़ गया कि दोनों सदनों में कोई सार्थक चर्चा नहीं हो सकी। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
प्रसंग
यह खबर "राहुल बोलने उठे तो रोक दिया, फिर नहीं आया मौका:खड़गे ने कहा- प्रधानमंत्री सदन में आकर जवाब दें, हुआ हंगामा" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी पेपर लीक का मुद्दा दोनों सदनों पर हावी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए, लेकिन पीठासीन जगदंबिका पाल ने उन्हें तुरंत बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि पहले सदन के पटल पर जरूरी पत्र रखे जाएंगे, उसक
ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।
अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।
पाठकों पर असर
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NewzQuest दृष्टिकोण
NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
आगे क्या देखना है
- इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
- इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
- आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
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