Sunday, July 26, 2026
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RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 द…

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RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 द…

22 जुलाई रात 10.30 तक तय था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। गृहमंत्री अमित शाह और PM मोदी का सपोर्ट उन्हें कुर्सी पर टिकाए हुए था। फिर RSS और BJP की एक मीटिंग हुई और कुर्सी डगमगाने लगी। शाह


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RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल — here's what that means and what to expect next.

The details below walk through what happened, why it matters, and what could come next.

What changed

The main development is RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल. This piece focuses on what is confirmed right now, with more detail to follow as the story develops.

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Key points

  • Main development: RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल
  • Filed under Investigative.

Additional context on the story: Indian Education Minister Dharmendra Pradhan Resignation Reason Inside Story Explained; Follow CJP Protest, Jantar Mantar, PM Modi Government, NEET Paper Leak, Latest News On Dainik Bhaskar. टॉप न्यूज़राज्य-शहरजंतर-मंतर ReelsNEWभास्कर इन्वेस्टिगेशनक्रिकेटभास्कर

What we know so far

22 जुलाई रात 10.30 तक तय था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। गृहमंत्री अमित शाह और PM मोदी का सपोर्ट उन्हें कुर्सी पर टिकाए हुए था। फिर RSS और BJP की एक मीटिंग हुई और कुर्सी डगमगाने लगी। शाह अब भी साथ थे, लेकिन प्रधानमंत्री का सपोर्ट हट चुका था। RSS के 5 पदाधिकारियों की मोदी-शाह से मीटिंग RSS की तरफ से सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह सरकार्यवाह अरुण कुमार और कृष्ण गोपाल के साथ दो और पदाधिकारी मौजूद थे। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा मौजूद थे। ये मीटिंग न BJP दफ्तर में हुई और न ही संघ कार्यालय में। वजह थी, इस मीटिंग और उसमें हुई बातों को सीक्रेट रखना। इस मीटिंग के बारे में किसी को खबर नहीं थी। तय हुआ PM मोदी तुरंत रात में ही जेन जी के अंदाज में बात करें सोर्स ने बताया इसी मीटिंग में तय हुआ कि PM मोदी तुरंत यानी रात में ही जेन जी के सबसे फेवरेट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बात करेंगे। भाषा भी ऐसी हो जो जेन जी तक पहुंचे। ये तक तय हुआ कि PM निश्चिंत न दिखें। चेहरे पर चिंता और आंखों में नींद दिखे, ताकि मैसेज जाए कि वे स्टूडेंट्स की फिक्र में सोए नहीं। ऐसा इंस्टाग्राम की पोस्ट में झलका भी। इस्तीफे की स्क्रिप्ट भी तभी लिखी गई… संघ के प्रतिनिधियों ने सधी शैली में कहा कि धर्मेंद्र के इस्तीफे पर विचार करना चाहिए। आंदोलन भड़क रहा है। यूपी-पंजाब में चुनाव है। बिहार में सरकार अभी स्थिर नहीं हो पाई है। ऐसे में अगर ये आंदोलन वाकई नेपाल के जेन जी जैसा हुआ, तो सरकार कठिनाई से घिर जाएगी। आखिर में कहा गया कि ये संघ का स्पष्ट विचार है। इसके लिए 5 दिन यानी 27 जुलाई तक हमें देखना चाहिए कि पूरे देश से रिपोर्ट क्या आती है। अगर आंदोलन दब गया तो ठीक नहीं तो सोमवार को इस्तीफा दिलाना चाहिए। इन 5 दिनों में हमें पहले हर संभव कोशिश करनी चाहिए। जैसे- 1. सरकार और PM के पक्ष में नरेटिव तैयार करें। 2. ABVP के छात्रों को प्रोटेस्ट में शामिल करना ताकि वे आंदोलन में शामिल स्टूडेंट्स को समझाएं या अंदर ही अंदर आंदोलन के भीतर मतभेद पैदा करें। 3. आंदोलन में टूट डालें, जैसे विपक्ष अलग हो जाए, वांगचुक अलग और दीपके अलग। प्लान पर शुरू हुआ काम 1. दूसरे दिन रात में वांगचुक का अनशन तुड़वा दिया गया। ये मुश्किल नहीं था क्योंकि वांगचुक तैयार थे। 2. नरेटिव बनने लगा। ABVP के छात्रों तक मैसेज भेजना शुरू हुआ। 3. 25 जुलाई को ABVP से जुड़े करीब 150 स्टूडेंट्स प्रयागराज से दिल्ली पहुंचे। सुबह से जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो गए। जिला स्तर पर तो 23 जुलाई से ही छात्र एक्टिव हो गए थे। BJP प्लान में फेल भी पास भी सोर्स बताते हैं, ‘वांगचुक और दीपके के बीच दरार पड़ गई। वांगचुक पर डील करने के आरोप लगे। BJP इसमें कामयाब रही, लेकिन आंदोलन को बढ़ने से नहीं रोक पाई। दूसरी तरफ, ABVP की तरह समाजवादी पार्टी की यूथ विंग एक्टिव हो गई। मैसेजिंग हुई कि हर जिले में 500 युवा इकट्ठे हों। दिल्ली में जंतर-मंतर के साथ बिहार, यूपी में भी प्रदर्शन की आग बढ़ने लगी। डेडलाइन से 2 दिन पहले हो गया इस्तीफा… आंदोलन भड़का तो RSS ने और स्पष्ट मैसेज भेजा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी संदेश दिया कि जेन जी से संवाद करना चाहिए। हमारी पीढ़ी अलग थी। हम आदेश मानते थे। ये पीढ़ी संवाद चाहती है। जेन जी को उनके तरीके से समझाकर हम रास्ते में ला सकते हैं। भागवत ने मीडिया में ये बोलने से पहले ही संदेश PM और गृहमंत्री को भेज दिया था। RSS ने साफ कहा कि अब अगर ये आंदोलन बढ़ा तो सरकार संकट में आ जाएगी। सिर्फ मोदी, शाह और RSS को पता था कि आज इस्तीफा होगा 22 जुलाई की मीटिंग में BJP की तरफ से जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा भी थे। हालांकि, प्रधान का इस्तीफा हुआ तो इसकी जानकारी सिर्फ अमित शाह, नरेंद्र मोदी और RSS को थी। BJP दफ्तर के अंदर तो किसी को खबर तक नहीं थी। नड्डा और जितेंद्र सिंह को भी तुरंत हुए इस इस्तीफे की खबर बाद में पता चली। इससे पहले किसान आंदोलन से बैकफुट में आई थी सरकार इससे पहले किसान आंदोलन के हिंसक होने के बाद सरकार ने बिल वापस लिए थे। आंदोलनकारियों के सामने झुकने का ये दूसरा मौका है। सूत्र ने कहा, आप इसे झुकना कह रही हैं, मैं रणनीति कह रहा हूं। किसान आंदोलन की वजह से बिल वापस लिए गए। उसके बाद फिर कोई किसान आंदोलन दिखा क्या। अभी शांति जरूरी थी, सो इस्तीफा ले लिया। हालांकि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

Context

This story centres on "RSS की सख्ती से गई प्रधान की कुर्सी:PM मोदी के इंस्टाग्राम पोस्ट से पहले सीक्रेट मीटिंग, 3 दिन में कैसे पलटा खेल". Here is a quick summary of where things stand: 22 जुलाई रात 10.30 तक तय था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। गृहमंत्री अमित शाह और PM मोदी का सपोर्ट उन्हें कुर्सी पर टिकाए हुए था। फिर RSS और BJP की एक मीटिंग हुई और कुर्सी डगमगाने लगी। शाह अब भी साथ थे, लेकिन प्रधानमंत्री का सपोर्ट हट चुका था। RSS

With fast-moving stories like this, there is often a gap between the first reports and the fuller picture. Keeping the confirmed development separate from early speculation helps readers know exactly where things stand.

For sensitive stories involving crime, courts, politics, health, or public money, the details can shift as more comes to light — this piece will be updated if the situation changes materially.

Reader impact

For readers, the value is a quick but complete view: what happened, why it matters, and what to watch as the story develops.

NewzQuest view

NewzQuest's view: this is an early but significant development, and more clarity should emerge as it plays out.

What to watch next

  • The next official statement or confirmation on this story.
  • How this affects people and communities on the ground.
  • Any new developments as the story continues to unfold.

Why it matters

This update matters because it gives readers a fast, sourced starting point while the story continues to develop.

NewzQuest is committed to accurate, responsible reporting. If you spot an error in this story, please let us know so we can correct it.

What happens next

NewzQuest will keep tracking this story as new developments come in.

Ritika Verma

लेखक के बारे में

Ritika Verma

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