राजदीप सरदेसाई का कॉलम: सीजेपी ‘प्रशासन-ग्रु’ ही बनी रहेगी या फिर राजनीति में भी उतरेगी?
August 6, 2026 | by Aaditya Raj

कभी-कभार असंभव लगने वाली कहानियां भी रहस्यमयी रूप से सच हो जाती हैं। हर दिन करोड़ों लोग सिस्टम को बदलने का सपना देखते हैं, लेकिन बहुत कम सफल हो पाते हैं। इसीलिए सत्रह वर्ष पूर्व जाने किए जा रहे प्रतियोग्यता परीक्षा में असफल होने वाले 30 वर्षीय अभिजीत दिप्के के अप्रत्याशित उभार को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
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