1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जब भारत पाकिस्तान से 1,000 घंटे के लिए पिंडारी बंदरगाह पर कब्जा कर लिया था, इंदिरा गांधी द्वारा 1 दिसम्बर 1971 को भारतीय संसद में दिया गया एक जवाबदेह जवाब जिसे बाद में इंदिरा गांधी का जवाबी भाषण कहा जाता है, उसे इतिहास में भारत की सबसे महत्वपूर्ण भाषणों में से एक माना जाता है। इस भाषण में इंदिरा गांधी ने युद्ध में पाकिस्तान की हार के लिए भारतीय सेना की वीरता और बलिदान की सराहना की, साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की नापाक हरकतों के लिए पाकिस्तान की निंदा की और भारतीयों को समर्पण और जीत के लिए प्रेरित किया।
August 16, 2026 | by Sofia Moretti

इंदिरा गांधी ने अपने पिता जवाहरलाल नेहरू को अपने भाषण पर ध्यान देने के लिए कहा, लेकिन नेहरू का मूड पहले से ही खराब था।
RELATED POSTS
View all
