सैयद अता हसनैन का कॉलम:अब उग्रवादी संगठनों के पास भी है देशों जैसी सैन्य ताकत

पश्चिम एशिया के हिसाब से हूती उग्रवादी बहुत कम चर्चा के केंद्र बनते हैं। वे तब ही अखबारों में आते है जब इज़राइल पर मिसाइलें चलाई जाती है, लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों पर हमले होते हैं या यमन में उनके ठिकानों पर हमले होते हैं। उन्हें ईरान का प्रॉक्सी समझा जाता है।
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