Updated 15 फ़रवरी 2026 7:47 अपराह्न
अठारह दिन के महायुद्ध ने द्रौपदी को अस्सी वर्षों का भार दे दिया था। हस्तिनापुर के उजड़े महल में बैठी द्रौपदी, अपनी पीड़ा में डूबी थी। श्रीकृष्ण के आगमन पर छलकते हुए भाव, करुणा और सत्य का संवाद प्रारंभ हुआ। कृष्ण ने उसे यह बोध कराया कि हमारे शब्द भी हमारे कर्मों के समान हैं…
शब्दों का ज़हर
Related Stories

Ayodhya Ram Mandir : दस दिनों में रामलला को 12 करोड़ का चढ़ावा, ऑनलाइन भी खूब मिल रहा है दान

Ram Mandir: आस्था स्पेशल ट्रेन के पहुंचते ही लगे जय श्रीराम के नारे, अयोध्या धाम जाना हुआ आसान

Bihar : एक करोड़ की डकैती मामले में दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, शहर के पॉश एरिया में हुई थी लूट

Bihar News : राजधानी में ट्रेन हादसा होने से बचा, यात्रियों ने कहा- लगा अब सब कुछ हो जायेगा ख़त्म
अब फैशन में है
- Karnataka: डीके शिवकुमार चुने गए विधायक दल के नेता, पूर्व CM सिद्धारमैया की आई पहली प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा
- मनोज बाजपेयी ने ‘गवर्नर’ के लिए काफी मशक्कत, 75 दिनों तक नहीं कटवाए थे बाल, दिलचस्प है किस्सा
- Minecraft LIVE from TwitchCon 2026: The Recap – Minecraft
- Saket Building Collapse News: दिल्ली में गिरी बहुमंजिला इमारत, एक की मौत, रेस्क्यू के लिए बना ग्रीन कॉरिडोर
- डब्बू रत्नानी का खुलासा, कबाड़ की दुकान से 200 पुराने टायर मंगवाकर किया था शाहरुख खान का फोटोशूट




