Updated 15 फ़रवरी 2026 7:47 अपराह्न
लड़कों की हँसी जो गूंजती थी आम की छाँव में,
अब वो सब कहानी बन कर बस उदास रहता है।
मेरे गाँव के गलियों में वो शोर कहां खो गया,
सब कुछ बदल गया, हर कोना अब उदास रहता है।बाबूजी की मेहनत से खड़ी हुई ये दीवारें,
खाली, टूटी-फूटी, अब तो बस उदास रहती हैं।
माँ की थकी आँखों में शोर नहीं बचा कोई,
पिता की धड़कन में भी क्या अब कोई बात रहती है?
सब बातें छोड़-छोड़ के, घर भी अब उदास रहता है।सावन के झूले टूटा दिए, होली के रंग फीके पड़े,
दीवाली के दीप भी अब कहीं बुझा-सा उदास रहता है।
खेल-कूद की वो गूँज, जो छतों पे रहती थी,
अब वो सब यादों में गुम, वो जहाँ बस उदास रहता है।शहर की चमक में खो गया मेरा हर एक भाई,
जिस्म तो साथ है पर दिल यहाँ उदास रहता है।
रिश्ते टूटे, सपने अधूरे रह गए,
मेरे गाँव की मिट्टी भी अब खुद से उदास रहती है।
@पाराशर
Related Stories

Ayodhya Ram Mandir : दस दिनों में रामलला को 12 करोड़ का चढ़ावा, ऑनलाइन भी खूब मिल रहा है दान

Ram Mandir: आस्था स्पेशल ट्रेन के पहुंचते ही लगे जय श्रीराम के नारे, अयोध्या धाम जाना हुआ आसान

Bihar : एक करोड़ की डकैती मामले में दो आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, शहर के पॉश एरिया में हुई थी लूट

Bihar News : राजधानी में ट्रेन हादसा होने से बचा, यात्रियों ने कहा- लगा अब सब कुछ हो जायेगा ख़त्म
अब फैशन में है
- महाराष्ट्र सरकार ने खरीदी एअर इंडिया बिल्डिंग! इतने करोड़ में हुआ सौदा
- लखनऊ: मानसिक रूप से बीमार नाबालिग के साथ गैंगरेप, आरोपी गिरफ्तार
- कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन: आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार, मंत्रिमंडल की सूची भी होगी साफ
- Britain: लंदन से लीसेस्टर पहुंची वैन में मिला व्यक्ति का शव, भारतीय मूल की हरिंदर कौर पर हत्या का केस दर्ज
- पिंजरे में बंद लड़कियां, 700 मर्दों ने किया रेप… UK सांसद ने सुनाई पीड़ितों की दास्तां




