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एनशॉर्ट्स
'कोर्ट का फैसला स्याही से लिखा जाता है, रेत पर नहीं', सुप्रीम कोर्ट की जज बीवी नागरत्ना ने क्यों कही ये बात?
उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश बी.वी नागरत्ना ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि कोर्ट के फैसलों को सिर्फ इसलिए खारिज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उन्हें लिखने वाले न्यायाधीश बदल गए हैं या पद छोड़ चुके हैं. उन्होंने शीर्ष अदालत की बाद की पीठों की तरफ से फैसलों को पलटने की हाल की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए ये टिप्पणी की है. हरियाणा में एक कार्यक्रम में पहुंचीं थीं जस्टिस न्यायमूर्ति नागरत्ना शनिवार को हरियाणा के सोनीपत में ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रही थीं. उन्होंने कहा कि न्यायिक स्वतंत्रता की विकसित समझ यह अपेक्षा करती है कि “हमारा विधिक तंत्र यह आश्वासन दे” कि किसी न्यायाधीश द्वारा दिया गया फैसला समय की कसौटी पर कायम रहे, क्योंकि वह “स्याही से लिखा जाता है, रेत पर नहीं.” उन्होंने कहा, “कानूनी बिरादरी और प्रशासनिक ढांचे के सभी प्रतिभागियों का यह
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