
Updated 11 जुलाई 2026 6:02 अपराह्न
{
"title": "कश्मीर के तीन नेता क्यों नहीं जा पाए खामेनेई के अंतिम संस्कार में",
"excerpt": "अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की मृत्यु के बाद हुए अंतिम संस्कार में जम्मू‑कश्मीर के पाँच प्रमुख नेता उपस्थित नहीं हो सके। तीनों के अनुपस्थित रहने के पीछे राजनीतिक, प्रशासनिक और वैचारिक कारणों का जिक्र किया गया है।",
"body_html": "<p>अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई, इरान के प्रमुख धार्मिक नेता, 5 अगस्त 2022 को निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार में विश्व के कई प्रमुख नेता और राजनयिक उपस्थित रहे। भारत के भीतर भी कुछ कश्मीरी नेता इस अवसर पर भाग लेने के लिए आमंत्रित थे, परंतु तीन प्रमुख नेता उपस्थित नहीं हो सके। यह घटना भारत‑इरान संबंधों और जम्मू‑कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य पर प्रकाश डालती है।</p>n<h2>कश्मीर के पाँच नेता और उनकी यात्रा योजनाएँ</h2>n<p>ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए जम्मू‑कश्मीर के पाँच प्रमुख नेता निम्नलिखित थे:</p>n<ul>n<li>अंजुमन शरिया शियान के अध्यक्ष (अज्ञात नाम)</li>n<li>कश्मीर के अन्य दो प्रमुख नेता (नाम सार्वजनिक नहीं)</li>n<li>तीन नेता जिनकी यात्रा रुक गई (नाम सार्वजनिक नहीं)</li>n</ul>n<p>इनमें से तीन नेताओं को दिल्ली सरकार द्वारा यात्रा की अनुमति नहीं दी गई, जबकि शेष दो ने इरान पहुँच कर अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया।</p>n<h2>राजनीतिक कारण: भारत के प्रति विरोध की पृष्ठभूमि</h2>n<p>कई रिपोर्टों के अनुसार, तीनों नेताओं ने भारत के प्रति अपनी आलोचनात्मक स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस कारण उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा यात्रा पर रोक लगाई गई। एक प्रमुख कश्मीरी धर्मगुरु ने स्पष्ट किया कि वे भारत के खिलाफ बोलने से इनकार नहीं करेंगे, और इस वजह से उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिली।</p>n<h2>प्रशासनिक अवरोध: दिल्ली सरकार की भूमिका</h2>n<p>रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि दिल्ली सरकार ने इन नेताओं को इरान की यात्रा से रोकने के लिए प्रशासनिक कदम उठाए। यह कदम कश्मीर के राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों के
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