तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।
एनशॉर्ट्स
EXPLAINED: बिहार में पहले फेज में रिकॉर्ड 60.13% मतदान, क्या एंटी इनकंबेंसी की लहर, कैसे ज्यादा वोटिंग ने हमेशा सत्ता पलटी?
बिहार में पहले चरण की 121 सीटों पर शाम 5 बजे तक 60.13% वोटिंग हुई है. अगर दूसरे और आखिरी फेज की 122 सीटों पर भी इसी तरह वोटिंग हुई, तो यह बिहार की राजनीति को पूरी तरह बदल सकती है. 3.75 करोड़ मतदाताओं में से लाखों लोग बूथों पर उमड़ पड़े, जिनमें युवा और बुजुर्ग तो थे ही, साथ ही महिलाएं भी शामिल थीं. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के ये आंकड़े, इतिहास रचने वाले थे. लेकिन यह सिर्फ नंबर्स नहीं, बिहार की राजनीति की धड़कन हैं. इतिहास गवाह रहा है कि जब भी बिहार में रिकॉर्ड वोटिंग हुई है, तब सत्ता ही नहीं, सियासी दौर बदल गया है. तो आइए ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि बिहार की रिकॉर्ड वोटिंग के क्या मायने, ज्यादा या कम वोट प्रतिशत से कैसे सियासत बदल जाती और राज्य में मतदाताओं ने जमकर वोट क्यों दिए… सवाल 1- पहले चरण में कहां-कितनी वोटिंग
Listen:







