आसमान से अचानक गायब हुआ था 239 लोगों के साथ विमान, 12 साल बाद भी समंदर में सुलझाई जा रही है …
8 मार्च 2014 की वो रात आज भी एविएशन की दुनिया का सबसे बड़ा जख्म है. कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ा मलेशिया एयरलाइंस का बोइंग 777- विमान MH370 रडार से ऐसा गायब हुआ कि 12 साल बाद भी उसका कोई पक्का सुराग नहीं मिला. उस विम
आसमान से अचानक गायब हुआ था 239 लोगों के साथ विमान, 12 साल बाद भी समंदर में सुलझाई जा रही है पहेली। यह जानकारी उपलब्ध स्रोत रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है।
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क्या बदला
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मुख्य बातें
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अतिरिक्त स्रोत संदर्भ से संकेत मिलता है कि ब्रिटिश कंपनी ओशन इंफिनिटी को करीब 580 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पेमेंट तभी मिलेगा जब वो समंदर की गहराई से MH370 का मलबा निकालकर लाएगी. अगर हाथ खाली रहे तो एक पैसा नहीं मिलेगा. इन बातों को अंतिम प्रकाशन से पहले संपादकीय रूप से सत्यापित करना चाहिए।
स्रोत क्या संकेत दे रहे हैं
8 मार्च 2014 की वो रात आज भी एविएशन की दुनिया का सबसे बड़ा जख्म है. कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ा मलेशिया एयरलाइंस का बोइंग 777- विमान MH370 रडार से ऐसा गायब हुआ कि 12 साल बाद भी उसका कोई पक्का सुराग नहीं मिला. उस विमान में सवार 239 लोग जैसे हवा में ही कहीं खो गए. ये पहेली आज भी जस की तस बनी हुई है. हालांकि समंदर ने भले अब तक अपना राज न खोला हो पर खोजने वालों ने हार नहीं मानी है. अब मलेशिया सरकार ने इस गुमशुदा विमान को ढूंढने के मिशन को एक साल और आगे बढ़ा दिया है. गहरे समंदर में मलबा तलाश रही ब्रिटेन की कंपनी ओशन इनफिनिटी अब जून 2027 तक यह काम जारी रखेगी. ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर एंथनी लोक ने सोमवार (29 जून, 2026) को यह जानकारी दी और बताया कि कैबिनेट ने पिछले शुक्रवार इस फैसले पर मुहर लगाई. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह तलाश जीरो से शुरू नहीं हो रही. ओशन इंफिनिटी पिछले साल हुए एक नए समझौते के तहत पहले से ही दक्षिणी हिंद महासागर की खाक छान रही है. अब बस उसकी डेडलाइन 1 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 30 जून 2027 कर दी गई है. तलाश का वक्त क्यों बढ़ाना पड़ाइसके पीछे दो सीधी वजहें हैं, पहली- समंदर के तल में अभी भी करीब 7,428 वर्ग किलोमीटर का इलाका ऐसा है जिसे पूरी तरह स्कैन किया जाना बाकी है.दूसरी- ओशन इंफिनिटी को अपने कुछ दूसरे कमर्शियल कमिटमेंट भी पूरे करने हैं. इसके चलते नवंबर 2026 से अप्रैल 2027 के बीच उसके मुख्य जहाज और उपकरण कुछ वक्त के लिए कहीं और भेजे जाएंगे. यह भी पढ़ें:- NASA Swift Telescope: धरती की तरफ तेजी से गिर रहा 'बह्मास्त्र', बचाने के लिए 30 हजार करोड़ खर्च करेगा NASA, जानें है क्या ये सरकार के मुताबिक यही महीने समंदर के शांत रहने का सीजन होते हैं जब सर्च करना सबसे सुरक्षित और असरदार रहता है. बीच में आने वाले इसी गैप की भरपाई के लिए यह एक्सटेंशन दिया गया है. पूरी डील का सबसे दिलचस्प हिस्सा है इसकी शर्त. मलेशिया सरकार ने साफ कर दिया है कि यह डील नो फाइंड, नो फी के आधार पर है. यानी ओशन इंफिनिटी को करीब 580 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पेमेंट तभी मिलेगा जब वो समंदर की गहराई से MH370 का मलबा निकालकर लाएगी. अगर हाथ खाली रहे तो एक पैसा नहीं मिलेगा. मिनिस्टर लोक ने यह भी कहा कि एक्सटेंशन में पुराने समझौते की सारी शर्तें ज्यों की त्यों रहेंगी. यह जान लेना जरूरी है कि कंपनी ने हाल ही में मार्च 2025 से जनवरी 2026 के बीच भी सर्च किया था लेकिन उसमें भी विमान के मलबे का कोई पक्का सबूत नहीं मिला. यही वजह है कि बचे हुए इलाके को पूरा खंगालने के लिए परिवारों ने सरकार से समझौता आगे बढ़ाने की गुहार लगाई थी. यह भी पढ़ें:- सेशेल्स पर डोरे डाल रहे चीन को पीएम मोदी के मास्टर स्ट्रोक से लगी मिर्ची, भारत के उतरे जहाज तो तुरंत भेज दिए युद्धपोत आज भी डराता है वो आखिरी मैसेजगुड नाइट, मलेशियन थ्री सेवन जीरो… एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मिला पायलट का यह आखिरी मैसेज था. इसके बाद विमान ने अपना तय रास्ता बदला और दक्षिणी हिंद महासागर के उस वीराने की ओर मुड़ गया जहां ढूंढना भी आसान नहीं. वो विमान किसी तकनीकी खराबी का शिकार हुआ, उसे हाईजैक किया गया या किसी ने जानबूझकर रास्ता मोड़ा? ये सवाल आज भी अनसुलझे हैं. विमान में सवार यात्रियों के परिवार आज भी एक क्लोजर का इंतेजार कर रहे हैं. अब देखना यह है कि क्या यह एक साल का एक्सटेंशन और ओशन इंफिनिटी की एडवांस रोबोटिक टेक्नोलॉजी 12 साल पुरानी इस पहेली को आखिरकार सुलझा पाएगी या नहीं.
प्रसंग
फिलहाल उपलब्ध स्रोत सामग्री के अनुसार, यह खबर "आसमान से अचानक गायब हुआ था 239 लोगों के साथ विमान, 12 साल बाद भी समंदर में सुलझाई जा रही है पहेली" विषय से जुड़ी है। शुरुआती जानकारी का सार यह है: 8 मार्च 2014 की वो रात आज भी एविएशन की दुनिया का सबसे बड़ा जख्म है. कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ा मलेशिया एयरलाइंस का बोइंग 777- विमान MH370 रडार से ऐसा गायब हुआ कि 12 साल बाद भी उसका कोई पक्का सुराग नहीं मिला. उस विमान में सवार 239 लोग जैसे हवा में ही कहीं खो गए. ये पहेली आज
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