यूपी में SIR प्रक्रिया ने बीजेपी के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है. डुप्लीकेट वोट हटने और एक ही स्थान पर वोट अनिवार्य होने के बाद बड़ी संख्या में शहरी मतदाताओं ने शहर की बजाय अपने पुश्तैनी गांव में नाम रखना चुना है. इसके चलते लखनऊ, प्रयागराज, गाजियाबाद जैसे शहरों में लाखों वोट कटने की आशंका है. लगभग 2.45 करोड़ SIR फॉर्म अब तक वापस न आने से बीजेपी की शहरी पकड़ कमजोर पड़ने का खतरा बढ़ गया है.।







