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‘महाराष्ट्र जैसी टूट की ओर बढ़ रही है ममता बनर्जी की पार्टी TMC’, पश्चिम बंगाल के मंत्री ने …

By Jul 30, 2026 1 min read 4 views
‘महाराष्ट्र जैसी टूट की ओर बढ़ रही है ममता बनर्जी की पार्टी TMC’, पश्चिम बंगाल के मंत्री ने …
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'महाराष्ट्र जैसी टूट की ओर बढ़ रही है ममता बनर्जी की पार्टी TMC', पश्चिम बंगाल के मंत्री ने दावा करते हुए क्या कहा। यह जानकारी उपलब्ध स्रोत रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है।

उपलब्ध जानकारी को व्यवस्थित कर यह रिपोर्ट पाठकों के लिए सरल और स्पष्ट भाषा में तैयार की गई है।

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क्या बदला

फिलहाल यह जानकारी उपलब्ध स्रोत के आधार पर दी जा रही है। आधिकारिक पुष्टि या अतिरिक्त विवरण आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

मुख्य बातें

  • This update was detected from ABP Election.
  • Primary reference domain: abplive.com.
  • This story is filed under Politics.

अतिरिक्त स्रोत संदर्भ से संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं. पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.वहीं, विपक्षी पार्टी कहा कि उसके ज्यादातर विधायक अभी भी उसकी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ इन बातों को अंतिम प्रकाशन से पहले संपादकीय रूप से सत्यापित करना चाहिए।

स्रोत क्या संकेत दे रहे हैं

पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.वहीं, विपक्षी पार्टी कहा कि उसके ज्यादातर विधायक अभी भी उसकी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हैं. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में पार्टी के एक बड़े धड़े के अलग होने की चर्चाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में रॉय ने दावा किया कि तृणमूल ने कई ऐसे लोगों को शामिल किया, जिनका राजनीति से ज्यादा सरोकार नहीं था. उन्होंने दावा किया कि अब पार्टी के अंदरूनी मतभेद और अंतर्विरोध सतह पर दिखाई देने लगे हैं. माणिकतला से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रॉय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंततः यह पार्टी पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो जाएगी. वर्ष 2024 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रॉय ने दावा किया, ‘कई नेताओं और विधायकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. ये घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि पार्टी टूट की ओर बढ़ रही है, ठीक वैसी ही स्थिति जैसी महाराष्ट्र में हुई थी.’ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि टीएमसी कभी भी लोकतांत्रिक पार्टी नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने लंबे संघर्ष के बाद, जब हम सत्ता में आए हैं, तो शायद कोई लोकतांत्रिक विपक्ष न हो. टीएमसी बरकरार रहे या टूट जाए, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है. उनके आंतरिक संकट से हमारा कोई संबंध नहीं है.’ तृणमूल के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी के ज्यादातर विधायक ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी. चट्टोपाध्याय को टीएमसी ने विपक्ष का नेता नामित किया है. उन्होंने कहा, ‘सत्तारूढ़ सरकार के भारी दबाव के चलते कुछ लोग जाली हस्ताक्षरों के बारे में बयान देने के लिए मजबूर हो रहे हैं. कुछ नेता टीएमसी के खिलाफ जाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी उन्हें पैसा दे रही है. हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘कुछ विधायक दबाव में आकर टूट सकते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर किसी बगावत की आशंका नहीं है. अधिकतर विधायक ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे और संगठन की कमान वरिष्ठ नेताओं के हाथों में ही रहेगी. पार्टी का चुनाव चिह्न भी ममता बनर्जी के पास ही रहेगा.’ विधानसभा परिसर से बाहर आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ऋतब्रत बनर्जी ने स्वीकार किया कि उनकी मुलाकात विधायक हॉस्टल में कुछ विधायकों से हुई और उनके साथ मुरमुरा खाया था. बनर्जी ने कहा कि वह ‘एक-एक दिन के हिसाब से आगे बढ़ने’’ में विश्वास रखते हैं. उन्होंने 50 से ज्यादा विधायकों के उनके साथ आने की अटकलों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने दावा किया कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता निर्वाचित करने संबंधी कोई औपचारिक प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था. बनर्जी के अनुसार, जिस कागज पर उनके हस्ताक्षर लिए गए थे, वह महज उपस्थिति दर्ज करने के लिए था. बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी का नियंत्रण अब ‘आई-पैक’ के हाथों में चला गया है और इसका संचालन ममता बनर्जी नहीं कर रही हैं. टीएमसी ने 294 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में 80 सीटें जीती थीं. हालांकि, पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सोमवार को दो विधायकों को निष्कासित कर दिया गया.

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क्लस्टर में जुड़े अन्य अपडेट भी इसी विषय के आसपास हैं, जिनमें TMC-शिवसेना के बाद अब सपा की बारी? रुचि वीरा के साथ 'अनबन' के बीच कमाल अख्तर ने चीफ़ व्हिप के पद से दिया इस्तीफ़ा जैसे संकेत शामिल हैं।

संबंधित स्रोत संकेत

  • क्लस्टर संकेत: TMC-शिवसेना के बाद अब सपा की बारी? रुचि वीरा के साथ 'अनबन' के बीच कमाल अख्तर ने चीफ़ व्हिप के पद से दिया इस्तीफ़ा

प्रसंग

फिलहाल उपलब्ध स्रोत सामग्री के अनुसार, यह खबर "'महाराष्ट्र जैसी टूट की ओर बढ़ रही है ममता बनर्जी की पार्टी TMC', पश्चिम बंगाल के मंत्री ने दावा करते हुए क्या कहा" विषय से जुड़ी है। शुरुआती जानकारी का सार यह है: पश्चिम बंगाल के मंत्री तापस रॉय ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस में महाराष्ट्र जैसी टूट होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.वहीं, विपक्षी पार्टी कहा कि उसके ज्यादातर विधायक अभी भी उसकी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हैं. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निष्कास

पाठकों पर असर

पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।

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NewzQuest दृष्टिकोण

संपादकीय रूप से यह शुरुआती स्रोत संकेत पर आधारित ड्राफ्ट है। इसे प्रकाशित करने से पहले महत्वपूर्ण दावों और संदर्भ की जांच जरूरी है।

इन बातों पर नजर रखें

  • आधिकारिक बयान या अपडेट आने पर कहानी को दोबारा जांचें।
  • अगर स्रोतों में अलग-अलग दावे दिखें, तो केवल पुष्ट जानकारी प्रकाशित करें।
  • आंकड़ों, तारीखों और उद्धरणों को अंतिम प्रकाशन से पहले सत्यापित करें।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह अपडेट पाठकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलती खबर पर शुरुआती संदर्भ देता है।

यह लेख उपलब्ध स्रोत संकेत पर आधारित है। प्रकाशन से पहले महत्वपूर्ण जानकारी की जांच करें।

आगे क्या

NewzQuest इस विषय पर भरोसेमंद स्रोतों से आने वाले नए अपडेट ट्रैक करता रहेगा।

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Arjun Mehta
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Arjun Mehta

Journalist and contributor at NewzQuest Media Network.

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