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Priyank Kharge ने खारिज किया RSS का दावा, कहा- नेहरू और पटेल ने की थी रक्षा…

August 16, 2026 | by Aaditya Raj

Priyank Kharge ने खारिज किया RSS का दावा, कहा- नेहरू और पटेल ने की थी रक्षा…



Priyank Kharge ने खारिज किया RSS का दावा, कहा- नेहरू और पटेल ने की थी रक्षा। यह घटनाक्रम फिलहाल सुर्खियों में है।

जो भी जानकारी अब तक सामने आई है, उसे स्पष्ट और सरल भाषा में यहां पेश किया जा रहा है।

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क्या बदला

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

मुख्य बातें

  • Main development: Priyank Kharge ने खारिज किया RSS का दावा, कहा- नेहरू और पटेल ने की थी रक्षा
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को भाजपा नेता बी. संतोष के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हैदराबाद रियासत के भारत में विलय के दौरान आरएसएस स्वयंसेवकों ने खरगे के परिवार को रजाकारों से बचाया था।

अब तक क्या सामने आया है

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को भाजपा नेता बी. एल. संतोष के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हैदराबाद रियासत के भारत में विलय के दौरान आरएसएस स्वयंसेवकों ने खरगे के परिवार को रजाकारों से बचाया था। प्रियंक ने कहा कि उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों की रक्षा सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू और भारतीय सेना ने की थी। प्रियंक की यह टिप्पणी यहां ‘हिंदू जागरण वेदिके’ की ओर से आयोजित ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’ कार्यक्रम में संतोष के उस बयान के बाद आई, जिसमें भाजपा नेता ने दावा किया था कि विभाजन के समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं ने रजाकारों का सामना किया और हिंदुओं की रक्षा की।कलबुर्गी में संवाददाता सम्मेलन में प्रियंका खरगे ने कहा, ‘‘आरएसएस हमारी रक्षा करने नहीं आया था। हमारे क्षेत्र के लोगों की रक्षा पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और भारतीय सेना ने की थी। भारतीय सेना आई और उसने हमारी रक्षा की।’’ संतोष ने दावा किया था कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार को हैदराबाद विलय के दौरान रजाकारों के हमलों का सामना करना पड़ा था और वे गुलबर्गा (अब कलबुर्गी) चले गए थे।उन्होंने कहा था कि उस समय आरएसएस स्वयंसेवकों ने रजाकारों का मुकाबला किया था। प्रियंका खरगे का जिक्र करते हुए संतोष ने कहा था, ‘‘आपके परिवार को गांव छोड़कर भागना पड़ा था और आपके पिता को केवल अपने पहने हुए कपड़ों के साथ वहां से निकलना पड़ा था।’’ इस दावे को खारिज करते हुए प्रियंक ने कहा, ‘‘आपने (संतोष) दावा किया कि आपने खरगे परिवार की रक्षा की। विभाजन के बाद कई सांप्रदायिक दंगे हुए।आप किस सांप्रदायिक दंगे में लोगों की रक्षा करने और उनकी मदद करने आए थे?’’ मंत्री ने कहा, ‘‘हां, हमारा परिवार सांप्रदायिक दंगों का शिकार हुआ था। हमें वहां से मजबूर होकर भागना पड़ा और यहां आना पड़ा। उस समय कोई नहीं था, न कोई सरकार थी।आपने उस समय क्या किया?’’ प्रियंक ने हैदराबाद के भारत में विलय में आरएसएस की भूमिका के दावे पर सवाल उठाते हुए पूछा, ‘‘किसने ‘ऑपरेशन पोलो’ चलाया था? क्या यह आरएसएस ने किया था? इसे सरदार पटेल, नेहरू और भारतीय सेना ने अंजाम दिया था, आरएसएस ने नहीं।’’ ‘ऑपरेशन पोलो’ सितंबर 1948 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए सैन्य अभियान का कोड नाम था, जिसके परिणामस्वरूप हैदराबाद की रियासत का भारत में विलय हुआ था।प्रियंक ने यह भी आरोप लगाया कि सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लोगों की रक्षा करने के बजाय आरएसएस ने सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नाथूराम गोडसे, जो सावरकर का अनुयायी था और आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित था, जब उसने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या की, उसके बाद कोलकाता और दिल्ली में दंगे हुए।’’ प्रियंक ने कहा, ‘‘आप एक ऐसा संगठन हैं जो सांप्रदायिक दंगे करवाता है, न कि ऐसा संगठन जो सांप्रदायिक दंगे होने पर लोगों की रक्षा के लिए आगे आता है।’’ उन्होंने संतोष द्वारा वी. डी. सावरकर और सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज का जिक्र किए जाने पर भी सवाल उठाया। मंत्री ने दावा किया, ‘‘जब सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद फौज का गठन कर रहे थे और सैनिकों की तलाश कर रहे थे तथा लोगों की भर्ती कर रहे थे, तब सावरकर ने लोगों से आजाद हिंद फौज में शामिल होने के बजाय ब्रिटिश सेना में शामिल होने का आह्वान किया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज हम जो अखंड भारत देख रहे हैं, वह सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प के कारण संभव हुआ है।करीब 560 छोटी रियासतों और राज्यों को एक साथ लाया गया और भारत एक राष्ट्र बना। यह आरएसएस की वजह से नहीं हुआ।’’ संतोष ने आरएसएस के पंजीकरण की प्रियंक खरगे की मांग का विरोध करते हुए संगठन का बचाव किया। भाजपा नेता संतोष ने कहा, ‘‘उस समय भी आरएसएस पंजीकृत नहीं था और आज भी पंजीकृत नहीं है।पंजीकरण किसी संगठन के अस्तित्व को तय नहीं करता। यह लाखों लोगों के विश्वास के आधार पर काम करने वाला संगठन है।’’ उन्होंने कहा कि विभाजन के समय आरएसएस हिंदुओं के साथ खड़ा था और बिना किसी औपचारिक पंजीकरण के आज भी काम कर रहा है। संतोष ने यह भी कहा कि देश की आजादी केवल नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से नहीं मिली, बल्कि हजारों क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से हासिल हुई।उन्होंने कहा, ‘‘हमें आजादी इसलिए मिली क्योंकि लाखों देशभक्त युवक-युवतियों और लाखों सैनिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर संघर्ष किया।

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प्रसंग

यह खबर "Priyank Kharge ने खारिज किया RSS का दावा, कहा- नेहरू और पटेल ने की थी रक्षा" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शनिवार को भाजपा नेता बी. एल. संतोष के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हैदराबाद रियासत के भारत में विलय के दौरान आरएसएस स्वयंसेवकों ने खरगे के परिवार को रजाकारों से बचाया था। प्रियंक ने कहा कि उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों क

ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।

अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।

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पाठकों पर असर

पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।

NewzQuest दृष्टिकोण

NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

आगे क्या देखना है

  • इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
  • इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
  • आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह अपडेट पाठकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलती खबर पर शुरुआती संदर्भ देता है।

NewzQuest सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। अगर आपको इस खबर में कोई त्रुटि नजर आती है, तो कृपया हमें सूचित करें।

आगे क्या

NewzQuest इस विषय पर आने वाले हर नए अपडेट को ट्रैक करता रहेगा।

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लेखक के बारे में

Aaditya Raj

Meet Aaditya — the visionary editor of Newzquest.in, a bilingual news platform delivering insightful, timely global reporting. With a strong background in mass communication, Aaditya shapes editorial strategy to ensure rigorous, research-driven analysis and accessible coverage for diverse readers. Passionate about journalism and global affairs, Aaditya’s leadership bridges cultural divides, empowering audiences in both English and regional languages with accurate, engaging storytelling.

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