बदले हुए समय में भगवान (व्यंग्य)
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मनुष्य ने समय बदल दिया है। उसकी प्राकृतिक बुद्धि ने, अपनी ही खुराफातों और अनुचितताओं से बचने के लिए नकली बुद्धि का निर्माण किया। यहाँ नकली बुद्धि ने उसकी ही नाक में दम कर दिया है और वहाँ धार्मिक होते जा रहे मनुष्य से भगवान परेशान हो गए हैं।
मनुष्य ने समय बदल दिया है। उसकी प्राकृतिक बुद्धि ने, अपनी ही खुराफातों और अनुचितताओं से बचने के लिए नकली बुद्धि का निर्माण किया। यहाँ नकली बुद्धि ने उसकी ही नाक में दम कर दिया है और वहाँ धार्मिक होते जा रहे मनुष्य से भगवान परेशान हो गए हैं।
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