Nag Panchami Tradition: आखिर क्यों पीटी जाती है कपड़े की गुड़िया? जानिए UP की इस अनोखी Ritua…
August 21, 2026 | by Vanshika

Nag Panchami Tradition: आखिर क्यों पीटी जाती है कपड़े की गुड़िया? जानिए UP की इस अनोखी Ritual के पीछे की पौराणिक कहानी। यह जानकारी ताज़ा है और आगे इसमें अपडेट संभव है।
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क्या बदला
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मुख्य बातें
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, आज यानी 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। अक्सर लोग यहीं जानते हैं कि इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, हालांकि उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर इस दिन एक अनोखी लोकपरंपरा देखने को मिलती है।
अब तक क्या सामने आया है
आज यानी 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। अक्सर लोग यहीं जानते हैं कि इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, हालांकि उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर इस दिन एक अनोखी लोकपरंपरा देखने को मिलती है। इसके के बारे में कम ही लोग जानते होंगे।असल में नाग पंचमी के दिन कपड़े की गुड़िया बनाई जाती है और फिर इसे डंडे से पीटने की रस्म पूरी की जाती है। अब लोगों के मन में यही सवाल आया होगा कि आखिर गुड़िया पीटने का नाग पंचमी से क्या संबंध है? दरअसल, इसके पीछे एक लोककथा प्रचलित है, जो कि एक भाई, उसकी बहन और एक सांप से जुड़ी है। आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते है-नाग पंचमी पर कहां निभाई जाती है गुड़िया पीटने की परंपरा?उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में खासकर बुंदेलखंड से जुड़ी लोकपरंपराओं में कपड़े की गुड़िया पीटने का रस्म देखने को मिलती है। लेकिन, गोंड़ा, कानपुर, बलरामपुर, अयोध्या और बहराइच जैसी जगहों पर भी इस तरह की परपंरा को निभाई जाती है। नाग पंचमी के दिन कपड़े से एक छोटी गुड़िया बनाई जाती है। इसके बाद बच्चे या भाई उसे डंडे से पीटते हैं।भाई-बहन से जुड़ी है इसकी कहानीदरअसल, इसके पीछे एक लोककथा सुनाई जाती है। जिसमें एक भाई और उसकी बहन की कहानी है। बताया जाता है कि बहुत समय पहले एक लड़का भगवान शिव का भक्त था। वह नियमित तौर पर मंदिर जाता था और पूजा करता था। जिस मंदिर में वह जाता था, वहां एक साप रहता था। सांप उस लड़के को नुकसान नहीं पहुंचाता था। सांप उस लड़के पास जाता है और उसके पैर में लिपट जाता था। लड़का भी उससे डरता नहीं था। एक दिन लड़का अपनी बहन को भी मंदिर लेकर गया। पूजा के बाद जब दोनों वहां से जाने लगे तो सांप हमेशा की तरह लड़के के पास आया और उसके पैर से लिपट गया।सांप को देखकर डर गई बहनजब बहन ने देखा भाई के पैर से सांप लिपटा हुआ, तो वह डर गई। उसे लगा कि सांप उसके भाई को डंस लेगा। इसी डर के कारण उसकी बहन ने डंडा उठाकर सांप को पीट दिया। डंडे की चोट से सांप की मौत हो गई। जब गांव के लोगों को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने यही समझा कि लड़की से अनजाने में कोई गलती हुई है।बच्चे की जगह गुड़िया को मिली सजालोककथा के मुताबिक, लड़की ने यह सब जानबूझकर नहीं किया था। उसने डर के कारण अपने भाई को बचाने की कोशिश की। ऐसे गांव वालों ने उसे सजा देने के स्थान पर कपड़े की एक गुड़िया बनाई। फिर गांव के लोगों ने गुड़िया को डंडे से पीटा। उस दिन से नाग पंचमी के दिन गुड़िया पीटने वाली परंपरा चलती जा रही है।क्यों गुड़िया बनाई जाती है?दरअसल, इस कहानी में गुड़िया का इस्तेमाल सिर्फ एक प्रतीक के तौर पर किया जाता है। समय के साथ यह रस्म वहां स्थनीय परंपरा का रुप ले लिया है। नांग पंचमी पर इसका क्या लेना-देना है?खासतौर पर इस रस्म का संबंध उस लोककथा में हुई सांप की मौत से है। नाग पंचमी पर नागों के प्रति सम्मान और उनकी पूजा के लिए खास मानी जाती है। इसी कारण से यह कहानी और गुड़िया पीटने की परंपरा नाग पंचमी से जुड़ी है। गुड़िया बनाने के बाद क्या किया जाता है।सबसे पहले कपड़ों की गुड़िया बना लेते हैं। फिर नाग पंचमी के दिन उसे डंडे से पीटने की रस्म निभाई जाती है। कुछ जगहों पर जब रस्म पूरी हो जाती है, तो इन गुड़ियों को पानी में बहाने या विसर्जित करने की परंपरा है।
प्रसंग
यह खबर "Nag Panchami Tradition: आखिर क्यों पीटी जाती है कपड़े की गुड़िया? जानिए UP की इस अनोखी Ritual के पीछे की पौराणिक कहानी" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: आज यानी 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। अक्सर लोग यहीं जानते हैं कि इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, हालांकि उत्तर प्रदेश के कुछ जगहों पर इस दिन एक अनोखी लोकपरंपरा देखने को मिलती है। इसके के बारे में कम ही लोग जानते होंगे।असल में नाग पंचमी के दिन कपड़े
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- इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
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