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Moksha के लिए Kashi में सिर्फ Vishwanath नहीं, इन 6 प्राचीन Temples की चौखट पर माथा टेकना है…

August 21, 2026 | by Bossprp

Moksha के लिए Kashi में सिर्फ Vishwanath नहीं, इन 6 प्राचीन Temples की चौखट पर माथा टेकना है बेहद जरूरी। यह जानकारी ताज़ा है और आगे इसमें अपडेट संभव है।

उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से यहां समझाया जा रहा है।

क्या बदला

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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मुख्य बातें

  • Main development: Moksha के लिए Kashi में सिर्फ Vishwanath नहीं, इन 6 प्राचीन Temples की चौखट पर माथा टेकना है बेहद जरूरी
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, काशी को मोक्षदायिनी कहा जाता है। कहा जाता है कि अगर अपने जीवनकाल में एक बार भी काशी नगरी के दर्शन हो जाएं, तो जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अब तक क्या सामने आया है

काशी को मोक्षदायिनी कहा जाता है। कहा जाता है कि अगर अपने जीवनकाल में एक बार भी काशी नगरी के दर्शन हो जाएं, तो जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन यह मोक्ष इतनी आसानी से कहां मिलता है। स्कंद पुराण के 'काशी खंड' का पहला श्लोक है- 'विश्वेशं माधवं धुण्डिं दण्डपाणिं च भैरवम्। वन्दे काशीं गुहां गङ्गां भवानीं मणिकर्णिकाम॥'' जिसका अर्थ है कि सिर्फ विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही काशी धाम की यात्रा पूरी नहीं होती है।हिंदू धर्म में ऐसे बहुत सारे तीर्थ स्थल हैं, जिनका अलग-अलग धार्मिक महत्व रहा है। लेकिन काशी विश्वनाथ को हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र धाम बताया गया है। जिसकी यात्रा काशी में मौजूद कुछ अन्य विशेष मंदिरों की चौखट पर माथा टेकने के बाद ही पूरी होती है।जानिए इन मंदिरों के बारे मेंकाल भैरव मंदिरकाशी के कोतवाल काल भैरव हैं। काशी में घुसते ही सबसे पहले इनके दरबार में हाजिर होना जरूरी है। बिना काल भैरव के अनुमति के काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन संभव नहीं है।माता अन्‍नपूर्णा मंदिरज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद मां अन्नपूर्णा के दर्शन जरूरी है। यह काशी की अन्न की देवी हैं। पुराणों में उल्लेख मिलता है कि जो भी व्यक्ति यहां आता है, उसको जीवन में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है।धुंडीराज विनायक मंदिरकाशी विश्वनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही आपको गणेश जी का प्राचीन मंदिर मिल जाएगा। इनके दर्शन के बिना ज्योतिर्लिंग के दर्शन अधूरे हैं। धुंडीराज के दर्शन के बाद आपको भगवान शिव के दर्शन होते हैं।बिंदु माधव मंदिरबिंदु माधव मंदिर वाराणसी के पंचगंगा घाट पर स्थित है। यहां पर भगवान श्रीहरि विष्णु विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता है कि यह वही स्थान है, जहां पर भगवान विष्णु ने महादेव की तपस्या की थी। इनके दर्शन के बिना भी काशी की यात्रा अधूरी मानी जाती है।विशालाक्षी मंदिर51 शक्तिपीठों में से एक विशालक्षी मंदिर भी इस यात्रा का अहम हिस्सा है। यह मंदिर मणिकर्णिका घाट पर है। यहां पर मां सती के दाहिने कान का कुंडल गिरा था। इसलिए जरूरी है कि आप इस मंदिर आकर देवी के दर्शन जरूर करें।दंडपाणि मंदिरदंडपाणि मंदिर काशी के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। यहां के दर्शन करना भी जरूरी है। यहां की विशेषता यह है कि यहां काशी का न्यायाधीश कहे जाने हरिकेश देव की पूजा होती है। यह हाथ में छड़ी लिए हुए हैं। कहा जाता है कि काशी में किसी भी गलत व्यक्ति को नहीं रहने देते हैं।ऐसे में अगर आप काशी यात्रा पर जा रहे हैं, तो आपको भी एक बार इन मंदिरों के दर्शन जरूर करने चाहिए।

प्रसंग

यह खबर "Moksha के लिए Kashi में सिर्फ Vishwanath नहीं, इन 6 प्राचीन Temples की चौखट पर माथा टेकना है बेहद जरूरी" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: काशी को मोक्षदायिनी कहा जाता है। कहा जाता है कि अगर अपने जीवनकाल में एक बार भी काशी नगरी के दर्शन हो जाएं, तो जातक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन यह मोक्ष इतनी आसानी से कहां मिलता है। स्कंद पुराण के 'काशी खंड' का पहला श्लोक है- 'विश्वेशं माधवं धुण्डिं दण्डपाणिं च भैरवम्। वन्

ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।

अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।

पाठकों पर असर

पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।

NewzQuest दृष्टिकोण

NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

आगे क्या देखना है

  • इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
  • इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
  • आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह अपडेट पाठकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलती खबर पर शुरुआती संदर्भ देता है।

NewzQuest सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। अगर आपको इस खबर में कोई त्रुटि नजर आती है, तो कृपया हमें सूचित करें।

आगे क्या

NewzQuest इस विषय पर आने वाले हर नए अपडेट को ट्रैक करता रहेगा।

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