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Middle East War: अमेरिका- ईरान की जंग से कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग! भारत में पेट्रोल-डीजल होगा महंगा?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध का असर अब सीधा ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दिख रहा है. खासकर Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) के बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है. यह समुद्री मार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहीं से लगभग 20 फीसदी वैश्विक कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) का व्यापार होता है. इसके रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से मौजूदा स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ छह दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 26 फरवरी 2026 को 1 बैरल तेल की कीमत 71.06 थी. 2 मार्च को कीमत बढ़कर 77.75 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. वहीं 3 मार्च को 79.60 डॉलर प्रति बैरल कच्चे तेल की कीमत हो गई है. तेल की कीमतों में इस उछाल का असर भारतीय रुपये पर
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