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Lava और Micromax की होगी वापसी? Chinese Brands को पछाड़ने के लिए Govt ने तैयार किया ₹62,500 …

September 15, 2026 | by Bossprp

Lava और Micromax की होगी वापसी? Chinese Brands को पछाड़ने के लिए Govt ने तैयार किया ₹62,500 …

Lava और Micromax की होगी वापसी? Chinese Brands को पछाड़ने के लिए Govt ने तैयार किया ₹62,500 करोड़ का मेगा प्लान। यह जानकारी ताज़ा है और आगे इसमें अपडेट संभव है।

जो भी जानकारी अब तक सामने आई है, उसे स्पष्ट और सरल भाषा में यहां पेश किया जा रहा है।

क्या बदला

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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मुख्य बातें

  • Main development: Lava और Micromax की होगी वापसी? Chinese Brands को पछाड़ने के लिए Govt ने तैयार किया ₹62,500 करोड़ का मेगा प्लान
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, आज के समय में भारत स्मार्टफोन बनाने में चीन को टक्कर दे रहा है। गौरतलब है कि एपल और सैमसंग जैसी बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने देश में अपना मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाए हैं।

अब तक क्या सामने आया है

आज के समय में भारत स्मार्टफोन बनाने में चीन को टक्कर दे रहा है। गौरतलब है कि एपल और सैमसंग जैसी बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने देश में अपना मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाए हैं। वीवो, ओप्पो और शाओमी जैसी दिग्गज कंपनियों के बीच आज एक भी ऐसा भारतीय ब्रांड नहीं है जो वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सके।इस कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने 62,500 करोड़ रुपये की 'मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' लॉन्च की है। जिसका उद्देश्य सिर्फ फोन असेंबल करना नहीं, बल्कि भारत का अपना मजबूत ग्लोबल ब्रांड खड़ा करना है।असेंबली हब से ब्रांड का मालिक बनने की ओर भारतभारत का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बीते 10 सालों में तेजी से विस्तार कर रहा है। इस दौरान देश में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब 33 गुना बढ़ा है, जबकि इसके निर्यात में 165 गुना तक की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत को 2027 के मध्य तक अपना पहला मजबूत स्वदेशी स्मार्टफोन ब्रांड मिलने की उम्मीद है। यह उपलब्धि देश के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस योजना के जरिए भारतीय ब्रांड को बिक्री पर 5% प्रोत्साहन मिलेगा। भारतीय डिजाइन और रिसर्च एडं डेवलपमेंट के लिए अतिरिक्त 3% और घरेलू स्तर पर मुख्य कंपोनेंट खरीदने पर 1.5% तक अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाता है। कह सकते हैं कि सरकार इस बार केवल फैक्ट्रियां नहीं, बल्कि तकनीक और बौद्धिक संपदा (IP) का मालिकाना हक भारत में देखना चाहती है।भारत पहले ही बन चुका है बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हबदरअसल, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत ने पिछले एक दशक में लंबी छलांग लगाई है। सरकार के अनुसार देश में इस्तेमाल होने वाले करीब 99.2% मोबाइल फोन भारत में बनाए गए हैं।फोन का निर्यात भी 2014-15 के करीब 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 2.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस अवधि में मोबाइल उत्पादन लगभग 18,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। क्यों पिछड़े माइक्रोमैक्स और लावा?एक समय था जब भारतीय बाजारों में  माइक्रोमैक्स, लावा, कारबन और इंटेक्स फोनों का क्रेज था। साल 2015 में इन सभी कंपनियों की हिस्सेदारी सिर्फ 35 फीसदी थी। उस दौर में माइक्रोमैक्स सीधे सैमसंग को कड़ी टक्कर दे रहा था। जैसे ही बाजारों में चीनी कंपनियों की एंट्री हुई, मार्केट का पूरा गणित ही बदल गया है। चीनी ब्रांड्स ने भारी निवेश, एडवांस सप्लाई चेन, बेहतरीन कैमरा तकनीक और आक्रामक कीमतों के दम पर भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धा से बाहर ही कर दिया। जिसके बाद से भारतीय ब्रांड्स की हिस्सेदारी सिमटकर एक फीसदी से कम हो गई।भारतीय कंपनियों के लिए फिर जगी उम्मीदवर्तमान में लावा (LAVA) भारतीय बाजार में टिके रहने वाले सबसे मुख्य देसी ब्रांड है, जो बजट सेगमेंट में तेजी से वापसी कर रहा है। कंपनी ने डिस्प्ले मॉड्यूल, कैमरा पार्ट्स और पीसीबी जैसी तकनीको में 1,100 करोड़ रुपये का नया निवेश कर रही है। इतना ही नहीं, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और माइक्रोमैक्स की पैरेंट कंपनी भगवती प्रोडक्ट्स जैसी भारतीय कंपनियां आज ग्रेटर नोएडा और अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण करने में लगी हुई है। दरअसल, आज के समय में भारत के पास वह मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस मौजूद है, जो कि एक दशक पहले नहीं था।

प्रसंग

यह खबर "Lava और Micromax की होगी वापसी? Chinese Brands को पछाड़ने के लिए Govt ने तैयार किया ₹62,500 करोड़ का मेगा प्लान" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: आज के समय में भारत स्मार्टफोन बनाने में चीन को टक्कर दे रहा है। गौरतलब है कि एपल और सैमसंग जैसी बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों ने देश में अपना मेगा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाए हैं। वीवो, ओप्पो और शाओमी जैसी दिग्गज कंपनियों के बीच आज एक भी ऐसा भारतीय ब्रांड नहीं है जो वैश्विक स

ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।

अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।

पाठकों पर असर

पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।

NewzQuest दृष्टिकोण

NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

आगे क्या देखना है

  • इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
  • इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
  • आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह अपडेट पाठकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलती खबर पर शुरुआती संदर्भ देता है।

NewzQuest सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। अगर आपको इस खबर में कोई त्रुटि नजर आती है, तो कृपया हमें सूचित करें।

आगे क्या

NewzQuest इस विषय पर आने वाले हर नए अपडेट को ट्रैक करता रहेगा।

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