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क्या Self-Medication से घट रही है Immunity? Antibiotics Resistance को लेकर विशेषज्ञों की बड़…

September 15, 2026 | by Aaditya Raj

क्या Self-Medication से घट रही है Immunity? Antibiotics Resistance को लेकर विशेषज्ञों की बड़…

क्या Self-Medication से घट रही है Immunity? Antibiotics Resistance को लेकर विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनी। यह घटनाक्रम फिलहाल सुर्खियों में है।

उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से यहां समझाया जा रहा है।

क्या बदला

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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मुख्य बातें

  • Main development: क्या Self-Medication से घट रही है Immunity? Antibiotics Resistance को लेकर विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनी
  • Filed under Health.

इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, आज के समय में ज्यादातर घरों में खुद से दवाई लेने का चलन बढ़ गया है। बिना डॉक्टर के सलाह लोग खुद से दवाई का सेवन कर रहे हैं।

अब तक क्या सामने आया है

आज के समय में ज्यादातर घरों में खुद से दवाई लेने का चलन बढ़ गया है। बिना डॉक्टर के सलाह लोग खुद से दवाई का सेवन कर रहे हैं। हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि इस तरह के दवाईयों का सेवन करने से आपको काफी नुकसान पहुंच सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि इन दवाईयों के बार-बार खाने से आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। यदि आपको एंटीबायोटिक दवाई लेने की आदत हैं, तो इस लेख का आज ही पढ़ें।पेट का कनेक्शन- यहीं रहती है आपकी इम्यूनिटीडॉक्टर कहते हैं कि हमारे शरीर का करीब 70 प्रतिशत इम्यून सिस्टम पेट (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट) में होता है। इस पेट में मौजूद करोड़ों 'गुड बैक्टीरिया' चलाते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहते हैं।असल में जब कोई ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक लेते हैं, तो वह एक मिसाइल की तरह कार्य करती है। वह बीमारी फैलाने वाले बैड बैक्टीरिया को तो मारती ही है, लेकिन साथ ही हमारे पेट के गुड और मददगार बैक्टीरिया को भी पूरी तरह खत्म कर देती है।बार-बार बीमारियों की चपेट में आते हैं आपअगर आप बार-बार एंटीबायोटिक्स दवाई लेते हैं, तो पेट के गुड बैक्टीरिया को वापस ठीक होने का मौका नहीं मिलता है। डॉक्टरों की भाषा में इस असुंतलन को 'डिस्बायोसिस' कहा जाता है। इसी कारण से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। फिर बदलते मौसम के कारण बार-बार बीमारियों के चपेट में आप आ सकते हैं। बरसात के समय या फिर सर्दी के दौरान जुकाम-वायरल ( जैसे  इन्फ्लूएंजा या डेंगू) हो सकता है। एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया को मारती हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता है। इसलिए, वायरल बीमारी में इन्हे बेवजह खाने से शरीर सिर्फ एसिडिटी, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्याएं परेशान करती है।इतना ही नहीं, इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में आज सबसे बड़ी चिंता एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की है। अगर आप गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेते हैं, तो थोड़ा ठीक महसूस होने पर दवा का कोर्स बीच में ही छोड़ देते हैं, तो इससे मजबूत बैक्टीरिया बच जाते हैं और खुद को म्यूटेट करते हैं। फिर यह सुपरबग्स बन जाते हैं। जिसका मतलब है कि भविष्य में किसी को टाइफाइड या यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) जैसी बीमारियां होंगी, तो ये आम और सस्ती दवाइयां असर करना बंद कर देती है।परिवार की इम्यूनिटी को बचाने के तरीके – बिना डॉक्टर के सलाह और चेकअप के कभी भी कोई मेडिसन खुद से न लें और एंटीबायोटिक का सेवन न करें। – यदि आपके डॉक्टर ने दवा लिखी है, तो ठीक होने के बाद भी इसका कोर्स पूरा करें। – असल में एंटीबायोटिक के इस्तेमाल के दौरान या बाद में हमारे पारंपरिक भारतीय प्रोबायोटिक्स जैसे घर का बना दही, छाछ या फर्मेंटेड फूड जरुर खाएं, जिससे पेट के गुड बैक्टीरिया वापिस आ सकें।

प्रसंग

यह खबर "क्या Self-Medication से घट रही है Immunity? Antibiotics Resistance को लेकर विशेषज्ञों की बड़ी चेतावनी" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: आज के समय में ज्यादातर घरों में खुद से दवाई लेने का चलन बढ़ गया है। बिना डॉक्टर के सलाह लोग खुद से दवाई का सेवन कर रहे हैं। हालांकि, डॉक्टर का कहना है कि इस तरह के दवाईयों का सेवन करने से आपको काफी नुकसान पहुंच सकता है। डॉक्टर कहते हैं कि इन दवाईयों के बार-बार खाने से आपकी इम्यून

ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।

अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।

पाठकों पर असर

पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।

NewzQuest दृष्टिकोण

NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

आगे क्या देखना है

  • इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
  • इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
  • आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

यह अपडेट पाठकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलती खबर पर शुरुआती संदर्भ देता है।

NewzQuest सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। अगर आपको इस खबर में कोई त्रुटि नजर आती है, तो कृपया हमें सूचित करें।

आगे क्या

NewzQuest इस विषय पर आने वाले हर नए अपडेट को ट्रैक करता रहेगा।

लेखक के बारे में

Aaditya Raj

Meet Aaditya — the visionary editor of Newzquest.in, a bilingual news platform delivering insightful, timely global reporting. With a strong background in mass communication, Aaditya shapes editorial strategy to ensure rigorous, research-driven analysis and accessible coverage for diverse readers. Passionate about journalism and global affairs, Aaditya’s leadership bridges cultural divides, empowering audiences in both English and regional languages with accurate, engaging storytelling.

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