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UP: आंबेडकर, संविधान और जातिवाद से लेकर आरक्षण तक, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कई मुद्दों पर बेबाकी से रखी राय
रामचरितमानस में तुलसीदास ने लिखा है, 'उमा कहहुं मैं अनुभव अपना, सत हरि भजन जगत सब सपना…' लेकिन तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ऐसे धर्मगुरु हैं।

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