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Telangana Municipal Elections: तेलंगाना नगर पालिका चुनाव में व्हिप से बचते खुद BRS विधायकों ने बिगाड़ा खेल, गदवाल में 'हाथ' का साथ देकर चौंकाया
तेलंगाना के विभिन्न नगर निकायों में अध्यक्ष और महापौर चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई तो भारत राष्ट्र समिति (BRS) के खेमे में सन्नाटा और बेचैनी साफ देखी जा सकती थी. नगर पालिकाओं पर दोबारा कब्जा जमाने का गुलाबी पार्टी का ख्वाब उस वक्त चकनाचूर होता दिखा, जब पार्टी अपने ही कई विधायकों को व्हिप जारी करने के लिए ढूंढ तक नहीं पाई. इस राजनीतिक ड्रामे का सबसे बड़ा केंद्र गदवाल बना, जहां बीआरएस के ही विधायकों ने अपनी पार्टी की रणनीति को धता बताते हुए कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार पेरिका स्वाति को चेयरमैन की कुर्सी पर बिठा दिया. सत्ता के इस खेल में 'एक्स-ऑफिशियो' यानी पदेन सदस्यों के वोटों ने निर्णायक भूमिका निभाई, जिसने BRS के लिए सिरदर्द पैदा कर दिया है. दरअसल, नगर पालिकाओं में चेयरमैन चुनने के लिए विधायक, एमएलसी और सांसदों के वोट बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं. कानूनन, पार्टियों को अपने इन सदस्यों को व्हिप जारी करना
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