0 1 min 3 mths
पत्नी को खर्च का हिसाब रखने को कहना या माता-पिता को पैसे भेजना क्रूरता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
एनशॉर्ट्स
पत्नी को खर्च का हिसाब रखने को कहना या माता-पिता को पैसे भेजना क्रूरता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि पति द्वारा अपने माता-पिता और भाई को पैसे भेजना या पत्नी से घर के खर्च का हिसाब रखने को कहना, आईपीसी की धारा 498A के तहत 'क्रूरता' नहीं माना जा सकता. अदालत ने इसे वैवाहिक जीवन की सामान्य स्थितियों से जोड़ते हुए पति के खिलाफ दर्ज क्रूरता और दहेज उत्पीड़न का मामला रद्द कर दिया.

तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.