Ganesh Chaturthi Celebration: फिल्मी या कस्टमाइज्ड मूर्ति से बचें, जानें गणेश चतुर्थी के लिए…
August 27, 2026 | by Arjun Mehta

Ganesh Chaturthi Celebration: फिल्मी या कस्टमाइज्ड मूर्ति से बचें, जानें गणेश चतुर्थी के लिए शास्त्र समम्मत Idol Selection के संबंधी कड़े नियम। यह घटनाक्रम फिलहाल सुर्खियों में है।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से यहां समझाया जा रहा है।
क्या बदला
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
मुख्य बातें
- Main development: Ganesh Chaturthi Celebration: फिल्मी या कस्टमाइज्ड मूर्ति से बचें, जानें गणेश चतुर्थी के लिए शास्त्र समम्मत Idol Selection के संबंधी कड़े नियम
- Filed under Lifestyle.
इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, करोड़ों भक्त गणेश चतुर्थी का बेसब्री से इंतजार करते हैं ताकि वह बप्पा का स्वागत कर सके। हिंदू धर्म में यह सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है गणेश चतुर्थी।
अब तक क्या सामने आया है
करोड़ों भक्त गणेश चतुर्थी का बेसब्री से इंतजार करते हैं ताकि वह बप्पा का स्वागत कर सके। हिंदू धर्म में यह सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है गणेश चतुर्थी। देशभर धूमधाम से यह त्योहार मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की पूजा, उपासना और सेवा का प्रतीक है। इस बार गणेशोत्सव 14 सितंबर 2026, सोमवार के दिन मनाया जाएगा, यह 10 दिनों तक चलेगा। पूरे भारत वर्ष में गणेश चतुर्थी के मौके पर जगह-जगह गणपति जी के पंडाल लगाए जाते हैं। वहीं, इन पंडालों में भगवान गणेश की भव्य मूर्तियां स्थापित कराई जाती है। हर साल गणपति बप्पा की मूर्तियों में तरह-तरह की क्रिएटिविटी देखने को मिलती है।खासकर कई जगहों पर गणेश जी को महादेव के रुप में दर्शाया जाता है, तो कहीं नारायण के रुप में, कही उन्हें साधु-संतों के भेष में तो कहीं प्रसिद्ध फिल्मी पात्रों और मनुष्यों के चेहरे के साथ स्थापित किया जाता है।कभी किसी ने सोचा है कि, क्या देवमूर्ति को किसी भी रुप में बनाया जा सकता है? क्या भगवान गणेश की कस्टमाइज मूर्तियों की पूजा करने का विधान है और इस पर शास्त्र क्या कहते हैं? आइए आपको बताते हैं पूरी जानकारी।कस्टमाइज मूर्तियों की पूजा करनी सही या गलत?धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्रत्येक देवता की अपनी स्वतंत्र सत्ता, रुप और गुणों को निर्धारित किया गया है। पुराणों में और आगम शास्त्रों में कही भी ऐसा नहीं लिखा है कि किसी भी देवता की मूर्ति में दूसरे देवता का चेहरा लगाना चाहिए। जबकि हर एक देवता का रुप उसकी तत्व शक्ति का प्रकट स्वरुप माना जाता है। ऐसे में किसी भी देवता की मूर्ति का स्वरुप बदलना विकृति कहा जा सकता है। खासकर मूर्ति का स्वरुप जैसे शास्त्र में बताया गया है वैसे ही होना अनिवार्य है। किसी भी देवता का रुप जोड़ना, संतों का रुप मिलाना या फिर मनुष्यों का रुप मिलाना इसे वर्जित माना जाता है और यह शास्त्र समम्मत नहीं माना जाता है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक देवता के हाथों में कौन-सा आयुध हो, कौन-सी मुद्रा हो ये निश्चित होती है। जैसे भगवान विष्णु के हाथों में शंख, चक्र और गदा होता है, वैसे ही भगवान गणेश के हाथों में पाश, अंकुश, मोदक और अभय मुद्रा होती है।जब भी आप भगवान गणेश की मूर्ति खरीदें तो पहले इन बातों का जरुर ध्यान रखें कि, मूर्ति शास्त्र के अनुसार न बनी हो तो दैवीय शक्ति का आवेश उस मूर्ति में नहीं होता है। इसलिए जब आप गणेश चतुर्थी से पहले भगवान गणेश की मूर्ति खरीदन जाए, तो फैंसी या कस्टमाइज मूर्तियों को खरीदने से बचें। सच्चे मन से श्री गणेश जी की पूजा करें।
प्रसंग
यह खबर "Ganesh Chaturthi Celebration: फिल्मी या कस्टमाइज्ड मूर्ति से बचें, जानें गणेश चतुर्थी के लिए शास्त्र समम्मत Idol Selection के संबंधी कड़े नियम" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: करोड़ों भक्त गणेश चतुर्थी का बेसब्री से इंतजार करते हैं ताकि वह बप्पा का स्वागत कर सके। हिंदू धर्म में यह सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है गणेश चतुर्थी। देशभर धूमधाम से यह त्योहार मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की पूजा, उपासना और सेवा का प्रतीक है। इस बार गणेश
ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।
अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।
पाठकों पर असर
पाठकों के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलते घटनाक्रम का संक्षिप्त, स्रोत-आधारित और साफ संदर्भ देती है।
NewzQuest दृष्टिकोण
NewzQuest की नजर में यह एक शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जिस पर आने वाले समय में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।
आगे क्या देखना है
- इस मुद्दे पर आने वाला अगला आधिकारिक बयान।
- इसका आम लोगों और स्थानीय समुदाय पर पड़ने वाला असर।
- आने वाले दिनों में सामने आने वाले नए घटनाक्रम।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह अपडेट पाठकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यह तेजी से बदलती खबर पर शुरुआती संदर्भ देता है।
NewzQuest सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। अगर आपको इस खबर में कोई त्रुटि नजर आती है, तो कृपया हमें सूचित करें।
आगे क्या
NewzQuest इस विषय पर आने वाले हर नए अपडेट को ट्रैक करता रहेगा।
