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Explained: राजद का MY समीकरण क्यों फेल हुआ, NDA के ME समीकरण कितना कारगर रहा, चुनावी नतीजों में कैसे बिखर गईं जातियां?
बिहार चुनाव में इस बार राजद का पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण बिखर गया. 14% यादव और 18% मुस्लिम आबादी को राजनीतिक ताकत मानकर राजद पूरे आत्मविश्वास में उतरा था. लेकिन मोदी-नीतीश के समीकरण ने असर दिखा दिया. इसका सबसे बड़ा नुकसान राजद को हुआ. बची-कुची कसर AIMIM ने मुस्लिम वोट काटकर पूरी कर दी. तो आइए ABP में समझते हैं कि बिहार में जातिगत समीकरण कैसे थे, यह फेल क्यों हो गए और नतीजों में जातिगत बंटवारा कैसा रहा… सवाल 1- बिहार में जाति का रोल हमेशा बड़ा कैसे रहा है?जवाब- बिहार की 85% आबादी पिछड़ी, दलित और अल्पसंख्यक जातियों से है. 2023 जाति सर्वे के मुताबिक, ऊपरी जातियों में ब्राह्मण 5%, भूमिहार 3% और राजपूत 4% हैं. वहीं दूसरी तरफ यादव 14%, मुस्लिम 17%, कुर्मी/कोएरी जैसे OBC 15%, EBC (100+ छोटी पिछड़ी जातियां) 36% और दलित (SC/ST) 16% हैं… अपर कास्ट NDA का कोर वोटर रहा है. नीतीश कुमार और
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