एनशॉर्ट्स
Explained: 'नॉन-NATO एलॉय' का तमगा और F-35 Jets, सऊदी पर US इतना मेहरबान क्यों, क्या चाहते हैं ट्रंप?
'मैं यह बताते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं कि हम अपने सैन्य सहयोग को एक नए लेवल पर ले जा रहे हैं. हम सऊदी अरब को औपचारिक रूप से 'मेजर नॉन-NATO एलाय' घोषित कर रहे हैं. यह उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है.' 18 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह लफ्ज कहते हुए सऊदी अरब को नॉन-NATO अलाय में शामिल किया. अभी सिर्फ 20 देशों को ही यह मान्यता मिली है. यही नहीं, 17 नवंबर को ट्रंप ने सऊदी को F-35 फाइटर जेट बेचने की बात भी कह दी. इससे अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों को ही चिंता होने लगी है. ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि नॉन-NATO एलाय कितना अहम है, ट्रंप सऊदी अरब पर महरबान क्यों और अमेरिका की चिंता क्या है… सवाल 1- नॉन-NATO एलाय क्या है और इसका मिलना कितनी बड़ी बात है?जवाब- अमेरिका का एक खास 'दोस्ती का दर्जा' है, जिसे 'मेजर नॉन-NATO एलॉय' कहते
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