Explained: तन्हा रातें या बिस्तर की चुभन, सर्दियों में पार्टनर की तलब क्यों, क्या जिस्मानी गर्मी ही ठंड से निजात है?

एनशॉर्ट्स
Explained: तन्हा रातें या बिस्तर की चुभन, सर्दियों में पार्टनर की तलब क्यों, क्या जिस्मानी गर्मी ही ठंड से निजात है?
'वो सर्दियों की धूप की तरह गुम हो गया,लिपट रही है उसकी याद जिस्म से लिहाफ की तरह…' मुसव्विर सब्जवारी के शेर में महबूब अपनी माशूका को शिद्दत से याद कर रहा है, क्योंकि मौसम है सर्दियों का. जब हड्डियों को कंपा देने वाली ठंड में भी 'महबूबा' को देखकर दिल कुलांचे भरता है. तकरीबन हर मर्द अपनेपन से भरे छुअन की चाहत में औरतों की तरफ तरसी हुई निगाहों से देखता है. सर्दियों में जिस्म सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि मुहब्बत की आग मांगता है. साइंस की जुबान में इसे 'कफिंग सीजन' भी कहते हैं. ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि कैसे सर्दियों में पार्टनर की ज्यादा तलब लगती है, गर्मी के लिए रजाई की जगह लुगाई क्यों चाहिए होती है और इसकी साइंटिफिक वजहें क्या हैं… सवाल 1- सर्दियां आईं नहीं कि दिल बेकरार क्यों हो जाता है?जवाब- सर्दियों में जब हवा काटने लगती है, जब रातें लंबी और सन्नाटा

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