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Explained: क्या वाकई सर्दियां प्यार का मौसम है, ठंड में पार्टनर की तलाश क्यों होती, कैसे '4 महीने का इश्क' परवान चढ़ता है?
'वो सर्दियों की धूप की तरह गुम हो गया,लिपट रही है उसकी याद जिस्म से लिहाफ की तरह…' मुसव्विर सब्जवारी के शेर में महबूब अपनी महबूबा को शिद्दत से याद कर रहा है, क्योंकि मौसम है सर्दियों का. जब हड्डियों को कंपा देने वाली ठंड में भी 'महबूबा' को देखकर दिल कुलांचे भरता है. तकरीबन हर मर्द अपनेपन से भरे छुअन की चाहत में औरतों की तरफ प्यार भरी निगाहों से देखता है. सर्दियों में शरीर सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि मुहब्बत की आग मांगता है. साइंस की जुबान में इसे 'कफिंग सीजन' भी कहते हैं. ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि कैसे सर्दियों में पार्टनर की ज्यादा तलब लगती है, 4 महीने का प्यार ठंड में क्यों होता है और इसकी साइंटिफिक वजहें क्या हैं… सवाल 1- सर्दियां आईं नहीं कि दिल बेकरार क्यों हो जाता है?जवाब- सर्दियों में जब हवा काटने लगती है, जब रातें लंबी और सन्नाटा गहरा होता
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