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Explained: इस्लाम में 'हराम' को जायज ठहराने का खेल क्या, कैसे तैयार होते फिदायीन, पहला सुसाइड बॉम्बर कब और कहां बना?
दिल्ली में सुसाइड बॉम्ब ब्लास्ट करने वाला डॉ. उमर नबी इसे शहादत मानता था. जबकि हकीकत इससे कौसों दूर है. दुनियाभर में आंतकवादी संगठन सुसाइड बॉम्बर यानी फिदायीन को सबसे अच्छा मानते हैं, क्योंकि इसमें न हींग लगती है, न फिटकरी और रंग भी चोखा आता है. क्योंकि यह बॉम्बर सरगनाओं के सगे-संबंधी नहीं होते. यह तो आम लोग होते हैं, जिनका ब्रेन वॉश करके, जन्नत और हूरों के ख्वाब दिखाकर तैयार किया जाता है. जबकि इस्लाम में खुदकुशी हराम है. सुसाइड बॉम्बिंग कोई नई बात नहीं, बल्कि 150 साल से चली आ रही है. ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि सुसाइड बॉम्ब अटैक की शुरुआत कब हुई, इस्लाम में सुसाइड हराम होने के बावजूद मुसलमान फिदायीन क्यों बनते और इसकी ट्रेनिंग कैसे होती है… सवाल 1- दुनिया में पहला सुसाइड बॉम्ब अटैक कब हुआ और इसकी शुरुआत कैसे हुई थी?जवाब- 1881 की बात है… जब दुनिया का पहला सुसाइड बॉम्ब
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