0 1 min 5 mths
एनशॉर्ट्स
'कला और संगीत मनोरंजन के विषय…', बोले खेसारी
यह बात स्पष्ट करती है कि कला और संगीत मनोरंजन के माध्यम हैं जो लोगों को प्रभावित करते हैं लेकिन ये कार्य या पलायन जैसे सामाजिक विषयों से अलग हैं. संगीत या कला कभी गंदा नहीं होता. शब्द हो सकता है गंदे लगें लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें कौन कैसे ले रहा है. भजनों का उदाहरण देते हुए बताया गया कि ये भी कला का हिस्सा हैं. रोजगार और कला के विषय अलग हैं और इन्हें अलग नजरिए से देखना चाहिए.

तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।

Listen:

↓ Download Audio

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.