0 1 min 1 mth
'अदालतों को अस्पतालों की तरह व्यवहार करना चाहिए', सीजेआई सूर्यकांत ने कोर्ट्स को लेकर क्यों कही यह बात?
एनशॉर्ट्स
'अदालतों को अस्पतालों की तरह व्यवहार करना चाहिए', सीजेआई सूर्यकांत ने कोर्ट्स को लेकर क्यों कही यह बात?
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant) ने रविवार (1 मार्च, 2026) को कहा कि अदालतों को अस्पतालों की तरह काम करना चाहिए. जैसे वहां मरीज को पहले फर्स्ट एड दिया जाता है ताकि उन्हें महसूस हो कि वह सुरक्षित हाथों में हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बार न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग है और इसे अलग नहीं किया जा सकता. हालांकि लोग सोचते हैं कि न्याय देना सिर्फ कोर्ट्स की जिम्मेदारी है, जो एक मिथक है. सीजेआई सूर्यकांत ने यहां जिला न्यायालय परिसर की आधारशिला रखने के बाद कहा कि बार और पीठ एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि एक ही संस्था के दो पहलू हैं. एक मजबूत बार सशक्त वकालत का आधार है. सशक्त वकालत जजों को अधिक गहन चिंतन, अधिक सावधानीपूर्वक दलील देने और अधिक स्पष्ट फैसले लेखन के लिए प्रेरित करती है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'बार के मेरे प्रिय सदस्यों, आप न्यायिक और न्याय व्यवस्था

तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.