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CJI गवई ने सुनाया ऐसा फैसला कि नाराज हो गए जज, 97 पेज में लिखी अपनी बात, सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर, 2025) को मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई (CJI BR Gavai) की तीन जजों की बेंच ने एक पुराना आदेश वापस ले लिया, जिसे लेकर एक जज नाराज हो गए. कोर्ट ने वनशक्ति मामले में अपना 16 मई का फैसला वापस ले लिया, जिसमें उन सभी निर्माणों को गिराने का आदेश दिया गया था, जिन मामलों में पर्यावरण मंजूरी कंस्ट्रक्शन के बाद ली गई थी. सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने (2:1) बहुमत के साथ यह फैसला सुनाया. जस्टिस भुइयां इस पर सहमत नहीं थे और उन्होंने बहुमत के फैसले पर कड़ी असहमति जताई. सीजेआई गवई ने 84 पेज में फैसला लिखा, जबकि जस्टिस भुइयां ने 97 पेज में अपनी असहमति जताई. कोर्ट के इस फैसले से ओडिशा में एम्स समेत देशभर में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर से ध्वस्तीकरण का खतरा टल गया है.
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