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Asian Games टीम से बाहर होने पर वुशु खिलाड़ी Divyanshi Choudhary ने महासंघ पर लगाए गंभीर आरो…

September 15, 2026 | by Fatima Khan

Asian Games टीम से बाहर होने पर वुशु खिलाड़ी Divyanshi Choudhary ने महासंघ पर लगाए गंभीर आरो…

Asian Games टीम से बाहर होने पर वुशु खिलाड़ी Divyanshi Choudhary ने महासंघ पर लगाए गंभीर आरोप। यह जानकारी ताज़ा है और आगे इसमें अपडेट संभव है।

उपलब्ध जानकारी के आधार पर पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से यहां समझाया जा रहा है।

क्या बदला

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्थिति सामने रखी जा रही है। अधिक विवरण मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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मुख्य बातें

  • Main development: Asian Games टीम से बाहर होने पर वुशु खिलाड़ी Divyanshi Choudhary ने महासंघ पर लगाए गंभीर आरोप
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इस बीच मिली अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, चिकित्सकीय आधार पर एशियाई खेलों की टीम से बाहर की गई वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जापान में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी जगह दूसरी खिलाड़ी को शामिल कर लिया गया।

अब तक क्या सामने आया है

चिकित्सकीय आधार पर एशियाई खेलों की टीम से बाहर की गई वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जापान में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी जगह दूसरी खिलाड़ी को शामिल कर लिया गया। खेल मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी सूची में दिव्यांशी को आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए सात सदस्यीय वुशु टीम में शामिल किया गया था।लेकिन शुक्रवार को महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में उनकी जगह दो बार की एशियाई खेल पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को शामिल कर लिया गया। इसका कारण बताया गया कि दिव्यांशी के (एसीएल टीयर) चोट लगी है। भारतीय वुशु संघ (डब्ल्यूएआई) ने दावा किया कि खिलाड़ी के एमआरआई में ‘एसीएल’ में चोट और काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने की बात सामने आई थी, इसी वजह से उन्हें टीम से हटाया गया।सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दिव्यांशी ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में बहुत परेशान हो चुकी हूं। जून, जुलाई से लेकर अब सितंबर तक मुझे मानसिक रूप से बहुत परेशान किया गया है। मुझे इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह (रोशिबिना) एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं।’’ कोटा की रहने वाली दिव्यांशी फिलहाल एनआईएस पटियाला में प्रशिक्षण ले रही हैं। रोते हुए दिव्यांशी ने कहा, ‘‘वह किसी और को क्यों नहीं जाने दे रही है? मैंने उसे (चयन ट्रायल में) हराया है।मुझे एशियाई खेलों में जाने का अधिकार है। ’’ इसी दौरान एक बार उन्होंने आत्महत्या करने की धमकी भी दी। वह जिस इमारत की छत पर खड़ी थीं, उसके किनारे की ओर बढ़ गईं और नीचे जमीन की ओर इशारा किया।हालांकि संघ ने कहा कि दिव्यांशी को टीम से केवल चोट के कारण बाहर किया गया है। एक बयान में डब्ल्यूएआई ने दावा किया कि दिव्यांशी ने खुद संघ को बताया था कि उन्हें 24 से 29 जून तक चीन के हुबेई में आयोजित 2026 वुशु सांडा चैंपियनशिप के दौरान चोट लगी थी। एक महीने घर पर रहने के बाद दिव्यांशी 10 अगस्त को एनआईएस पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में वापस शामिल हुई थीं।इस बयान के अनुसार, ‘‘14 अगस्त 2026 को प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने दर्द की शिकायत की और बताया कि यह ‘हैमस्ट्रिंग’ का मुद्दा है। उन्होंने 14 और 15 अगस्त को प्रशिक्षण नहीं लिया। 17 अगस्त को प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने फिर पैर की मांसपेशियों में में दर्द की शिकायत की और इसके बाद अगले दो-तीन दिनों तक हल्का प्रशिक्षण किया।’’ संघ ने कहा कि बार-बार चोट की शिकायत होने के कारण कोच ने खिलाड़ी से पूछा और उन्होंने बताया कि चीन में प्रतियोगिता के दौरान उन्हें चोट लगी थी तथा लौटने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने एक महीने घर पर बिताया और फिर पटियाला के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि वुशु टीम में बदलाव ‘स्थापित नियम’ के तहत किया गया क्योंकि राष्ट्रीय संघ ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को सूचित किया था कि दिव्यांशी को चोट लगने के कारण टीम से हटाना पड़ेगा।खेल मंत्रालय के सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘वुशु संघ ने नौ सितंबर को आईओए को सूचित किया कि उन्हें चोट लगी है और उन्हें टीम से हटाना पड़ेगा। इसके अनुसार अंतिम टीम में बदलाव किए गए। चोट के कारण खिलाड़ी को बदलने के लिए मंत्रालय ने पहले से तय नियम के तहत इन बदलावों को मंजूरी दी।’’ संघ ने कहा कि माता-पिता की सहमति लेने के बाद 23 अगस्त को पटियाला के मणिपाल अस्पताल में दो फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में एमआरआई कराया गया। संघ ने कहा, ‘‘24 अगस्त को एमआरआई रिपोर्ट साइ के खेल चिकित्सा विभाग को दिखाई गई और उन्होंने आगे की जांच के लिए खिलाड़ी को मणिपाल अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के पास भेजा। ऑर्थोपेडिक डॉक्टर और एक मेडिकल अधिकारी द्वारा आगे की चिकित्सकीय जांच और एमआरआई की समीक्षा के बाद पाया गया कि एसीएल में चोट है और काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा है।’’ संघ ने कहा कि खिलाड़ी के स्वास्थ्य, सुरक्षा और लंबे समय के खेल करियर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, उपलब्ध चिकित्सकीय रिपोर्ट और चिकित्सा सलाह के आधार पर उसने आईओए, खेल मंत्रालय और साइ को ईमेल के जरिए सूचित किया कि खिलाड़ी चोटिल है और उसे स्वस्थ होने तक प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों तथा पूर्ण प्रशिक्षण सत्रों से दूर रहने की चिकित्सकीय सलाह दी गई है। वहीं परेशान दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि अतीत में भी कुछ लोगों ने उन्हें शारीरिक रूप से परेशान किया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब श्रीनगर में हमारा 10 दिन का शिविर लगा था।उन्होंने जबरदस्ती मेरे कंधे को चोट पहुंचाई। इसकी वजह से मैंने चार-पांच दिन अभ्यास नहीं किया। फिर मैं फिट होकर चीन में प्रतियोगिता खेलने गई।मैंने यह सब सहन किया। देहरादून के पहले ट्रायल में उन्होंने जबरदस्ती मुझे हरा दिया। मेरे यूट्यूब चैनल पर इसका वीडियो है।’’ उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि चोट के बावजूद वह खेल सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे चोट लगी थी। मैंने इसे डॉक्टर को दिखाया।डॉक्टर ने कहा कि ‘टेपिंग करके आप आसानी से खेल सकती हैं’। मैं खेलना चाहती थी। लेकिन यहां मेरे कोच और महासंघ के पास जो मेरी एमआरआई रिपोर्ट थी, वो किसी और से साझा की जा रही है, क्यों?मेरी रिपोर्ट किसी और को क्यों भेजी जा रही हैं? ’’ उन्होंने कहा, ‘‘डॉक्टर खुद पर्चे पर लिख रहे हैं कि यह खिलाड़ी खेल सकती है। तो इसे स्वीकार क्यों नहीं किया जा रहा?और जब आप इतना बड़ा फैसला ले रहे हैं तो कम से कम खिलाड़ी को इसकी जानकारी तो दें। अगर आप मेरा नाम हटा रहे हैं तो क्या मुझे इन सभी चीजों की जानकारी एक बार भी नहीं होनी चाहिए थी? ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपनी बात रखने का मौका भी मिलना चाहिए था।यह न्यायसंगत नहीं है। एशियाई खेलों में जाना और वहां भारत के लिए जीतना मेरा बहुत बड़ा सपना है।

प्रसंग

यह खबर "Asian Games टीम से बाहर होने पर वुशु खिलाड़ी Divyanshi Choudhary ने महासंघ पर लगाए गंभीर आरोप" से जुड़ी है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसका सार है: चिकित्सकीय आधार पर एशियाई खेलों की टीम से बाहर की गई वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जापान में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी जगह दूसरी खिलाड़ी

ऐसी खबरों में शुरुआती अपडेट और अंतिम तस्वीर के बीच अक्सर कुछ अंतर होता है। पाठकों के लिए मुख्य घटना, उसका असर और आगे आने वाले अपडेट को अलग-अलग समझना मददगार रहता है।

अपराध, अदालत, राजनीति, स्वास्थ्य या वित्त जैसे संवेदनशील विषयों में स्थिति समय के साथ बदल सकती है, इसलिए इस पर आगे भी अपडेट दिया जाएगा।

खेल खबरों में चयन, फिटनेस, कप्तानी, कार्यक्रम और टीम रणनीति जैसे पहलू तेजी से बदल सकते हैं। इसलिए ड्राफ्ट में तत्काल अपडेट के साथ-साथ आगे की संभावित दिशा भी साफ होनी चाहिए।

पाठकों पर असर

खेल पाठकों के लिए इसका असर टीम चयन, खिलाड़ी भूमिका, टूर्नामेंट रणनीति और आने वाले मुकाबलों की तैयारी से जुड़ सकता है। इसलिए केवल हेडलाइन नहीं, बल्कि स्रोतों में दिख रहे संकेतों को भी समझना जरूरी है।

NewzQuest दृष्टिकोण

NewzQuest की नजर में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में टीम रणनीति और प्रदर्शन पर असर डाल सकता है, इसलिए इस पर नजर बनाए रखना जरूरी है।

आगे क्या देखना है

  • आधिकारिक टीम या बोर्ड की ओर से आने वाला अगला बयान।
  • आगामी मुकाबलों के कार्यक्रम और तैयारी पर असर।
  • खिलाड़ियों और प्रशंसकों की प्रतिक्रिया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

खेल से जुड़ी ऐसी खबरें खिलाड़ियों, टूर्नामेंट और प्रशंसकों के लिए सीधे असर वाली होती हैं, इसलिए नए अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

NewzQuest सटीक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है। अगर आपको इस खबर में कोई त्रुटि नजर आती है, तो कृपया हमें सूचित करें।

आगे क्या

NewzQuest इस विषय पर आने वाले हर नए अपडेट को ट्रैक करता रहेगा।

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