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ईरान युद्ध में चौधरी बनने चले शहबाज-मुनीर, इधर कर्ज में डूबे पाकिस्तान ने IMF के सामने फिर फैला दिया कटोरा
पाकिस्तान की चरमराई अर्थव्यवस्था को पश्चिमी एशिया में बने संकट ने दोहरा झटका दिया है. तेल से लेकर गैस की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है, जिससे महंगाई तेजी से बढ़ी है. इस बदहाली से निकलने के लिए एक फिर उसने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF)के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं. IMF फिर से पाकिस्तान को लोन दे सकता है. इस बार पड़ोसी मुल्क को 1.2 अरब डॉलर का लोन देने के लिए शुरुआती समझौता हुआ है. IMF के साथ शुरुआती समझौता आईएमएफ ने शुक्रवार (27 फरवरी) को बताया कि पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच में लोन को लेकर एक शुरुआती समझौता हुआ है. हालांकि 1.2 अरब डॉलर की फंडिंग को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है. समझौते को आईएमएफ बोर्ड की हरी झंडी दिखाई जाना बाकी है. इसके बाद ही पाकिस्तान को 'एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी' के तहत 1 अरब डॉलर और रेजिलियंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी के
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