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पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 163 लोगों को मिली भारत की नागरिकता, गृहमंत्री का बड़ा फैसला
उत्तराखंड के उन परिवारों के लिए पिछले कुछ दिन खुशियों की नई सौगात लेकर आए हैं, जिन्होंने दशकों का समय एक अजनबी की पहचान के साथ गुजारा था. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के लागू होने के बाद, प्रदेश में रह रहे 162 शरणार्थियों के लिए अब अपनी जड़ों से जुड़ने का कानूनी रास्ता साफ हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लंबी जांच-पड़ताल के बाद इन सभी के नागरिकता आवेदनों को हरी झंडी दे दी है. एक लंबा इंतजार और नई पहचान यह केवल कागजों का बदलाव नहीं है, बल्कि उन 156 लोगों के जीवन का एक नया अध्याय है जो वर्षों से भारत को अपना घर तो मानते थे, लेकिन तकनीकी रूप से यहां के नागरिक नहीं थे. इनमें मुख्य रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू और सिख परिवार शामिल हैं. तालिबान के खौफ से शांति की शरण तक इन शरणार्थियों की कहानियां संघर्ष और साहस की मिसाल
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