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अमेरिका से युद्ध के बीच भारत ने कोच्चि में ईरानी जहाज को दी शरण, तेहरान ने दिल्ली से की थी खास अपील
भारत ने तेहरान की अपील पर एक ईरानी युद्धपोत को दक्षिणी बंदरगाह कोच्चि पर लंगर डालने की अनुमति दे दी है और पोत के 183 सदस्यीय चालक दल को नौसैनिक सुविधाओं में ठहराया गया है. सरकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी फ्रिगेट को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबोए जाने के 2 दिन बाद हुई है. IRIS Lavan वॉरशिप पिछले महीने भारत द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए इस क्षेत्र में आया था. यह बुधवार को कोच्चि में पहुंचा, उसी दिन श्रीलंका के तट से लगभग 19 समुद्री मील दूर फ्रिगेट आईरिस डेना डूब गया, जिसमें 87 नाविक मारे गए. श्रीलंकाई अधिकारियों ने गुरुवार को एक और ईरानी युद्धपोत आईरिस बूशहर को देश में शरण लेने की अनुमति दी और उसके 208 सदस्यीय चालक दल को नौसैनिक शिविर में ठहराया. आईरिस बूशहर ने भी भारत
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