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भारतीय दवा कंपनियों को 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान… इजरायल-ईरान जंग पर एक्सपर्ट की डरावनी भविष्यवाणी
इजरायल और ईरान की जंग ने मिडिल ईस्ट या पश्चिम एशिया में हलचल मचा दी है, जिसका सबसे ज्यादा असर आयात और निर्यात पर पड़ने के आसार हैं. ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की धमकी दे चुका है. यह समुद्री रास्ता मिडिल ईस्ट और साउथ एशियाई देशों के बीच आयात और निर्यात का मुख्य मार्ग है. इस बीच भारतीय औषधि निर्यात प्रोत्साहन परिषद (फार्मेक्सिल) के चेयरमैन नमित जोशी ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में सैन्य संघर्ष और वैश्विक ढुलाई लागत में बढ़ोतरी होने से भारतीय दवा उद्योग को मार्च महीने के निर्यात में रुकावट की वजह से 2,500 करोड़ रुपये से 5,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल (GCC) के सदस्य देशों का हिस्सा भारतीय दवा कंपनियों के कुल निर्यात में 5.58 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि औषधि निर्यात का मूल्य पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में वित्त वर्ष 2020-21 के 132.04
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