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Lok Sabha Speaker: क्या हैं ओम बिरला के फ्रेंडशिप ग्रुप्स! जिसकों लेकर हो रही है चर्चा, जानें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से फ्रेंडशिप ग्रुप्स के गठन की घोषणा ने भारतीय संसदीय कूटनीति में एक नई ऊर्जा भर दी है. युवा सांसद श्रीकांत शिंदे से लेकर वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम जैसे अनुभवी सांसदों को इन समूहों की अगुवाई सौंपे जाने की योजना, संसद के भीतर पीढ़ियों के समन्वय और दलगत सीमाओं से परे सहयोग का संकेत देती है. इस पहल का मुख्य मकसद भारत और विभिन्न देशों की संसदों के बीच रिश्तों को मजबूत करना है. वैश्विक राजनीति और आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. ऐसे में संसद-से-संसद संवाद (Parliament-to-Parliament Diplomacy) की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है. फ्रेंडशिप ग्रुप्स” के माध्यम से भारतीय सांसद अपने विदेशी समकक्षों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर सकेंगे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समझ और सहयोग बढ़ेगा. ये समूह औपचारिक सरकारी वार्ताओं के समानांतर एक सॉफ्ट-डिप्लोमेसी प्लेटफॉर्म की तरह काम करेंगे, जहां सांसद अनौपचारिक लेकिन सार्थक चर्चा कर
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