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'एयर एम्बुलेंस में ब्लैक बॉक्स लगाना जरूरी नहीं', क्या हैं नियम, जानें चतरा विमान क्रैश की कैसे होगी जांच
रांची से दिल्ली जा रहा प्राइवेट एयर एम्बुलेंस विमान जो 23 फरवरी को झारखंड के चतरा जिले में क्रैश हो गया था, उसमें ब्लैक बॉक्स (CVR/FDR) मौजूद नहीं था. विमान के रिकॉर्ड और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों CAR (Civil Aviation Requirements) के मुताबिक इस श्रेणी के पुराने प्राइवेट विमानों में ब्लैक बॉक्स लगाना उस समय अनिवार्य नहीं था. DGCA के CAR नियमों के अनुसार छोटे जनरल एविएशन विमानों पर ब्लैक बॉक्स लगाने की अनिवार्यता विमान के वजन और पहली बार एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट जारी होने की तारीख पर निर्भर करती है. हादसे वाला ये विमान 1987 में बना था और उसी दौर में इसका एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेट जारी हुआ था इसलिए उस समय लागू नियमों के तहत इसमें कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) लगाना जरूरी नहीं माना गया. ब्लैक बॉक्स न होने के कारण जांच में आएगी दिक्कतेंदुर्घटनाग्रस्त प्राइवेट एयर एम्बुलेंस में ब्लैक बॉक्स न होने की
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