Politics
बंगाल की राजनीति के ‘रणनीति मास्टर’, ममता के भरोसेमंद, पढ़ें मुकुल रॉय का कैसा था सियासी सफर
Mukul Roy Profile: पश्चिम बंगाल की सियासत में गहरी पैठ रखने वाले पूर्व रेल मंत्री और वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘रणनीति के मास्टर’ कहे जाने वाले मुकुल रॉय का नाम कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिना जाता था. संगठन खड़ा करने से लेकर चुनावी रणनीति तैयार करने तक, उनके राजनीतिक सफर ने बंगाल की राजनीति को कई बार नई दिशा दी. लंबे समय तक टीएमसी के दूसरे सबसे ताकतवर चेहरे रहे मुकुल रॉय ने अपने करीब तीन दशक लंबे राजनीतिक जीवन में कई पड़ाव देखे, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी और फिर दोबारा तृणमूल कांग्रेस. लेकिन बदलते राजनीतिक हालात के बीच उनकी सियासी चमक धीरे-धीरे कम होती गई. यूथ कांग्रेस से हुई थी शुरुआत मुकुल रॉय और ममता बनर्जी दोनों की राजनीतिक शुरुआत यूथ कांग्रेस से हुई थी. दोनों साथ-साथ राजनीति में आगे बढ़े. जनवरी
तकनीकी रूप से संवर्धित सामग्री, सार्वजनिक हित में उचित उपयोग के तहत प्रस्तुत।