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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और CM योगी विवाद पर शारदा पीठ के शंकराचार्य का आया रिएक्शन, जानें क्या कहा?
द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने अपने छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान वर्तमान राजनैतिक, सामाजिक और वैधानिक विसंगतियों पर शास्त्रोक्त दृष्टिकोण रखते हुए कड़ा प्रहार किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति का मूल आधार 'नीति' यानी 'धर्म' है, और जब सत्ता इस मर्यादा का त्याग करती है, तब व्यवस्था में गतिरोध उत्पन्न होना अनिवार्य है. सत्ता और सिद्धांत: 'दादागिरी' नहीं, यह धर्म का अनुशासन है उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध पर शंकराचार्य ने कहा कि आस्था के केंद्र 'गंगा स्नान' पर प्रतिबंध लगाना सीधे तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता का हनन है. अखाड़ा परिषद द्वारा लगाए गए 'दादागिरी' के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, "सिद्धांतों की रक्षा करना साधु का धर्म है. हम समाज को सन्मार्ग पर चलाने के लिए हैं, और इसके लिए स्वयं सिद्धांतों का पालन करना अनिवार्य है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी केवल सनातन परंपराओं
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