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संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के नफरती बयानों पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, बोला- 'हम चिंतित, लेकिन…'
उच्च संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के नफरत भड़काने वाले बयानों का मसला उठाने वाली याचिका को राजनीतिक बता कर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं सुना. कोर्ट ने सलाह दी कि याचिका को सुधार कर दाखिल किया जाए. बेंच के रुख को देखने के बाद याचिकाकर्ताओं के लिए पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वह 2 सप्ताह में संशोधित याचिका दाखिल करेंगे. सामाजिक कार्यकर्ता रूप रेखा वर्मा, दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग समेत 12 लोगों की याचिका में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुस्लिम-विरोधी वीडियो समेत यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों के बयानों का जिक्र किया गया था. इनके अलावा भी बीजेपी के कुछ दूसरे नेताओं के बयानों को कोर्ट के सामने रखा गया था. याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि उच्च पदों पर बैठे लोगों के बयानों को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश बनाए जाएं. चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस बी वी नागरत्ना और जोयमाल्या बागची की
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