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तारिक रहमान की कभी ISI से थी सांठगांठ, अगर सत्ता में आए तो भारत को लेकर क्या होगी डिप्लोमेसी?
बांग्लादेश में हिंसा, अराजकता और राजनीतिक अस्थिरता के बीच पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने करीब 17 वर्ष बाद अपने देश में कदम रखा है. बांग्लादेश पहुंचने पर रहमान का जबरदस्त स्वागत किया गया और लाखों की भीड़ उसकी एक झलक देखने के लिए उमड़ पड़ी. भारत को हालांकि, रहमान को लेकर भी फूंक-फूंक कर कदम रखने हैं क्योंकि उनके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से पुराने संबंध रहे हैं और भारत-विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पाई गई है. बांग्लादेश में हुए तख्तापलट में तारिक रहमान की भूमिका पिछले साल बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट में खालिदा जिया और तारिक रहमान की पार्टी बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) की बड़ी भूमिका थी. उस दौरान, भारत की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेश में तख्तापलट के पीछे सोशल मीडिया के जरिए आग भड़काने पर एक खास रिपोर्ट तैयार की थी. रिपोर्ट में पाया गया था कि बांग्लादेश के अराजक-प्रदर्शन
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