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Alkananda Galaxy: भारतीय वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाली अलकनंदा स्पाईरल गैलेक्सी, दुनिया को चौंकाया
भारतीय खगोलविदों ने अंतरिक्ष के इतिहास में एक अनोखी उपलब्धि दर्ज की है. वैज्ञानिकों ने ऐसी आकाशगंगा ढूंढ निकाली है, जो तब अस्तित्व में आई थी जब पूरा ब्रह्मांड महज़ डेढ़ अरब साल पुराना था. जिस समय अंतरिक्ष में ज्यादातर संरचनाएं अस्त-व्यस्त और उथल-पुथल से भरी होती थीं, उसी दौर में यह आकाशगंगा बेहद संतुलित और सुंदर रूप में दिखाई देती है. यही बात इसे अब तक मिली शुरुआती सर्पिल आकाशगंगाओं में सबसे खास बनाती है. इस खोज का नेतृत्व पुणे के राष्ट्रीय रेडियो खगोल भौतिकी केंद्र की शोधार्थी राशी जैन ने किया. उन्होंने बताया कि यह आकाशगंगा अपनी आकृति में हमारी मिल्की वे से काफी मेल खाती है. चूंकि हिंदी में मिल्की वे को ‘मंदाकिनी’ कहा जाता है और अलकनंदा नदी मंदाकिनी की बहन नदी मानी जाती है, इसलिए इस “बहुत दूर की ब्रह्मांडीय बहन” को प्रतीकात्मक रूप से अलकनंदा आकाशगंगा नाम दिया गया. कैसी है यह रहस्यमयी अलकनंदा?यह आकाशगंगा
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