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35 साल बाद ऑपरेशन पवन के वीर सैनिकों को मिला सम्मान, पूर्व PM की हत्या के चलते सेना ने भी कर दिया था पराया
करीब 35 साल बाद भारतीय सेना ने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को आधिकारिक तौर से श्रद्धांजलि अर्पित की है. मंगलवार को खुद थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजधानी दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर आतंकी संगठन लिट्टे (एलटीटीई) के साथ हुई लड़ाई में बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए. ऑपरेशन में हिस्सा लेने वाले सैनिक भी रहे मौजूदराष्ट्रीय समर स्मारक पर थलसेना प्रमुख के साथ ऑपरेशन पवन में हिस्सा लेने वाले वेटरन्स भी मौजूद थे. इनमें मेजर जनरल अशोक मेहता (रिटायर), महावीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल अतुल कोचर (रिटायर) और परमवीर चक्र (मरणोपरांत) विजेता मेजर रामास्वामी परमेश्वरन की विधवा उमा परमेश्वरन भी शामिल थीं. क्या था ऑपरेशन पवन? 80 के दशक के आखिर में (1987-90) तक भारतीय सेना ने श्रीलंका में लिबरेशन टाइगर ऑफ तमिल ईलम यानी एलटीटीई के खिलाफ ऑपरेशन पवन छेड़ा था. इस दौरान भारतीय सेना को बड़ा नुकसान
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