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‘पीएम का बयान भ्रामक, मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन’, वंदे मातरम पर बोले मौलाना महमूद मदनी
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार (8 नवंबर, 2025) को विभिन्न राज्यों के ब्लॉक एजुकेशन अधिकारियों की ओर से सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और अभिभावकों को वंदे मातरम गाने और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भेजने के निर्देशों को भारत के संविधान में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन बताया है. उन्होंने कहा कि यह कदम अत्यंत चिंताजनक और खतरनाक मिसाल है. मौलाना मदनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम के कुछ अंश हटाए जाने को विभाजन से जोड़ने की कोशिश की थी. मौलाना ने इसे पूरी तरह भ्रामक और ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत बताया. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम एक ऐसी रचना है, जो पूरी तरह शिर्कीया अकायद पर आधारित है, जिसमें विशेष रूप से इसके शेष चार पदों में मातृभूमि को देवी दुर्गा के रूप में प्रस्तुत कर उसकी पूजा के शब्दों का प्रयोग किया गया है.
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