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Balrajsahni jayanti: बलराज साहनी जयंती: जब सूट-बूट की वजह से ‘दो बीघा जमीन’ के लिए रिजेक्ट होते-होते बचे थे बलराज साहनी

Balrajsahni jayanti: बलराज साहनी जयंती: जब सूट-बूट की वजह से ‘दो बीघा जमीन’ के लिए रिजेक्ट होते-होते बचे थे बलराज साहनी
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Balrajsahni jayanti: बलराज साहनी जयंती: जब सूट-बूट की वजह से ‘दो बीघा जमीन’ के लिए रिजेक्ट होते-होते बचे थे बलराज साहनी
देश नया-नया आज़ाद हुआ था और हिंदी सिनेमा में ऐसे एक्टर ने जन्म लिया, जो आम आदमी के दर्द, उसकी परेशानियों को ना सिर्फ स्क्रीन पर निभाए बल्कि अपने संवाद से लोगों को रोने पर मजबूर कर दें. हम बात कर रहे हैं बलराज साहनी की, जिन्होंने एक तरफ समाज की ऊंच-नीच की व्यवस्था पर फिल्में बनाई तो दूसरी तरफ कर्मिशल अभिनेता बनकर उभरे. 1 मई को एक्टर की बर्थ एनिवर्सरी है. बलराज साहनी के लिए फिल्मों के साथ-साथ असल जिंदगी में भी नैतिकता और सामाजिक सरोकार उनके सार्वजनिक जीवन का अहम हिस्सा थे. उन्होंने पर्दे पर 'धरती के लाल', 'दो बीघा ज़मीन', 'काबुलीवाला' और 'गर्म हवा' जैसी सामाजिक फिल्में की लेकिन दूसरी तरफ 'अनुराधा', 'वक़्त', 'संघर्ष' और 'एक फूल दो माली' जैसी कर्मिशल फिल्में भी की.  ये भी पढ़ें:- बुधवार को भी छाई रही 'भूत बंगला', 42 दिन पुरानी धुरंधर 2 ने भी किया कमाल, 'गिन्नी वेड्स सनी 2' ने

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By Parashar

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