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43 कॉल, 200 से ज्यादा मैसेज… आतंकी डॉक्टरों को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे, जानें धमाके के बाद आरिफ का क्या था प्लान
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में जुटी एटीएस और एनआईए को बड़ी सफलता मिली है. जांच एजेंसियों ने जिस ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी नेटवर्क की तलाश शुरू की थी, अब उसकी कईं परतें खुलने लगी हैं. मामले में पकड़े गए डॉक्टर शाहीन सईद, डॉक्टर आरिफ और डॉक्टर मुजम्मिल के बीच गहरे संपर्क का खुलासा हुआ है. सूत्रों के अनुसार, फॉरेंसिक जांच में तीनों के बीच 39 वॉयस कॉल, 43 व्हाट्सऐप कॉल और 200 से अधिक मैसेज मिले हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि तीनों लंबे समय से संपर्क में थे और धमाके की साजिश रचने के बाद लगातार बातचीत कर रहे थे. एजेंसियों ने 25 डिलीटेड मैसेज भी रिकवर किए हैं, जिनमें साजिश की गहराई से जुड़े अहम राज छिपे होने की संभावना है. आरिफ भागने की तैयारी में था कानपुर के अशोक नगर स्थित फ्लैट से गिरफ्तार डॉ. आरिफ के कमरे से एजेंसियों को पैक्ड बैग, कपड़े और जरूरी सामान मिले. इससे
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