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सुरिंदर कौर बर्थ एनिवर्सरी: पंजाब की स्वर कोकिला, जिनकी सुरीली आवाज का हर कोई मुरीद
सुरिंदर कौर का नाम सुनते ही हर दिल झूम उठता है. उनकी आवाज का जादू और गीतों की मिठास आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है. यही वजह है कि लोग उन्हें 'पंजाब दी कोयल' या 'पंजाब दी आवाज' कहकर बुलाते हैं. अगर पंजाबी संगीत की दुनिया में कोई लता मंगेशकर जैसी हैं, तो वो हैं सुरिंदर कौर. सुरिंदर कौर के बारे में सुरिंदर कौर का जन्म 25 नवंबर 1929 को पंजाब में हुआ था. भारत-पाकिस्तान के पार्टीशन से पहले ही उनके गाने लोगों के दिलों में जगह बनाने लगे थे. संगीत के प्रति उनका लगाव कमाल का था. लेकिन, उन्हें शुरू में घर में गाने की अनुमति नहीं थी. उनके बड़े भाई ने इस बात को समझा और सुरिंदर और उनकी बहन प्रकाश कौर को संगीत की शिक्षा दिलाने में मदद की. 12 साल की उम्र में दोनों बहनों ने मास्टर इनायत हुसैन और पंडित मणि प्रसाद से शास्त्रीय संगीत
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